पुलिस ने लॉटरी के नाम पर लाखों लोगों से धोखाधड़ी के मामले में वीआईपी थ्रीडी कंपनी के मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद दोनों फरार चल रहे थे।
पुलिस ने मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को मलोखर के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान मंजूबाला पत्नी श्याम लाल गांव मलोखर, डाकखाना छकोह और संजीव पुत्र हीरा लाल गांव छकोह के रुप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा और यहां पर अदालत से आगामी जांच को पूरा करने के लिए इनका पुलिस रिमांड मांगा जाएगा।
जानकारी के अनुसार बरमाणा थाना में मार्च महीने में ग्रामीणों ने वीआईपी थ्री डी कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि लॉटरी के नाम पर कंपनी के मालिकों ने उनसे धोखा किया है। इस तरह से आरोपियों ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों की रकम ऐंठी हैं।
हालांकि पहले इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो रही थी, लेकिन बाद में पुलिस ने मामले में कंपनी के मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कायम किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए मालिकों ने सबसे पहले हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद दोनों मालिकों ने लगभग 20 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में भी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
मगर वहां से भी आरोपियों की याचिका को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस दोनों की धरपकड़ के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही थी। मगर दोनों लगातार पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो रहे थे। मंगलवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली की दोनों अपने गांव मलोखर में हैं। पुलिस ने इसकी सूचना मिलते ही कोई लापरवाही न बरतते हुए दोनों को मौके पर धर दबोचा।
इसके बाद उन्हें बरमाणा थाना लाया गया। बुधवार को दोपहर बाद आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। बरमाणा थाना के एएसआई केवल सिंह ने बताया कि पुलिस ने फरार चल रहे वीआईपी थ्री डी कंपनी के मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है। है। दोनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।