जिला के पीएनबी बैंक में एक महिला कर्मचारी ने उपभोक्ता को एफडी करवाने का झांसा देकर 80 हजार का जीवन बीमा करवा दिया। अब उपभोक्ता अपने पैसे वापस लेने के लिए बैंक के चक्कर काटकर थक चुका है। यही नहीं बैंक की तरफ से उन्हें सूचना मिली है कि उन्होंने अगर 80 हजार रुपये और जमा नहीं करवाए तो उनकी पहले दी गई रकम भी लैप्स हो जाएगी। अब इस पूरे मामले से उनका परिवार सदमे में हैं और बिलासपुर से लेकर शिमला तक पैसे वापस लेने की गुहार लगा चुका है। मगर बैंक का कोई भी अधिकारी उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
राधा देवी ने बताया कि वह अपने पति मस्तराम के साथ बैंक गई थी। यहां पहले ही काउंटर पर एक महिला कर्मी बैठी थी। उसने इसे बताया कि बैंक में नई एफडी स्कीम आई है। मगर इसमें आप को तीन साल तक पैसा रखना होगा और इसमें आप को ब्याज भी अधिक मिलेगा।
बैंक पर भरोसा होने के कारण राधा देवी और उनके पति ने 80 हजार की रकम कर्मी के पास जमा करवा दी। मगर जब पॉलिसी का बांड घर आया तो उसमें लिखी सारी जानकारी उन्हें इस बीमा पॉलिसी करवाने की बात का पता चला। इसके बाद वह फिर से बैंक गए फिर भी उस कर्मचारी ने बताया की अब आपको पैसे जमा करवाने की जरूरत नहीं है, आप तीन साल बाद पैसे ज्यादा ब्याज लेकर निकाल पाएंगे।
मगर एक साल पूरा होने पर जब उन्हें मुंबई हैड क्वाटर पीएनबी मेटे लाइफ से कॉल आई तो उन्होंने राधा देवी को बताया कि अगर आप इसमें 80 हजार और जमा नहीं करवाएंगे तो आपकी पूरी रकम डूब जाएगी। इन सभी बातों का पता चलने पर उन्होंने फिर से पीएनबी बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया। इस दौरान बैंक कर्मचारी डिंप्पल कुमारी ने पिछली सारी बातें दोहराकर पैसे जमा न करवाने की सलाह दी।
इसके बाद वह सही जानकारी के लिए शिमला हैड ऑफिस संजोली गए। वहां उन्हें संबंधित अधिकारियों ने बताया कि अगर आपने पैसे जमा नहीं करवाए तो आपके सारे पैसे लैप्स हो जाएंगे। राधा देवी ने बताया कि वह अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी के मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। एसपी बिलासपुर ने कहा कि इस संबंध में अभी कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। अगर आएगी तो इस संबंध में पूरी छानबीन करेंगे।
बैंक ने दी लोन लेकर किस्त जमा करवाने की सलाह
हैरानी इस बात की है कि बैंक कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके महिला के पति मस्तराम ने जब 80 हजार रुपये की किस्त जमा करवाने में असमर्थता जताई तो बैंक अधिकारियों ने उन्हें लोन देकर किस्त जमा करवाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अब वह बैंक के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इस संबंध में बैंक प्रबंधक पीएनबी लूदर राम ने बताया कि इस संबंध में पहले ही उपभोक्ता को सारी बातें बता दी गई होती है। उन्होंने ने खुद दस्तावेज साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता आगे की किस्तें दे सकता, जिससे पॉलिसी आगे भी चलती रहेगी।