जिला के भराड़ी क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए वन विभाग ने अब दो प्रोफेशनल शूटरों को अनुमति दी है। दोनों शूटरों को वन विभाग ने शर्तों के तहत तेंदुए को मारने की मंजूरी दी है। विभाग ने अपने आदेश में साफ किया है कि दोनों टीमें किसी भी अन्य जंगली जानवर को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। वहीं वन विभाग की ओर से उक्त टीमों को केवल रहने और खाने का खर्च ही अदा किया जाएगा।
डीएफओ बिलासपुर सीबी ताशीलदार ने बताया कि स्थानीय लोगों और प्रिंट मीडिया के माध्यम से किए जा रहे आग्रह पर दो-दो प्रोफेशनल शूटरों रमेश चौहान और टीम तथा कर्ण चंदेल और उनकी टीम को आदमखोर तेंदुए को मारने की शर्तों के आधार पर अनुमति प्रदान की गई है।
आदेश के अनुसार रमेश चौहान और उसकी टीम को मुख्य रूप से रात्रि समय, चाहे तो दिन के समय का भी उपयोग कर सकतेे हैं जबकि कर्ण चंदेल और उसकी टीम को दिन के समय, चाहें तो वह टीम रात्रि के समय का भी नर भक्षी तेंदुए को मारने के लिए जंगल में गश्त कर सकते हैं।
शर्तों के अनुसार दोनों टीमें केवल नरभक्षी तेंदुए को ही मारेगी। शिकार के दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान से बचने और मानव जीवन सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानियां को भी अमल में लाएगी। तेंदुए को मारने के बाद तुरंत इसकी सूचना नजदीकी वन विभाग के अधिकारियों को देनी होगी।