पीओ सेल बिलासपुर ने शराब के ठेके में मारपीट के आरोप में फरार उद्घोषित अपराधी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे पंजाब के सिद्देवाला से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
मामले की पुष्टि एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने की है। आगामी कार्रवाई के लिए उसे कोट कहलूर पुलिस के हवाले कर दिया है। जानकारी के अनुसार ऊना के मैहतपुर निवासी रणदेव सिंह ने वर्ष 2006 में श्रीनयनादेवी विस क्षेत्र के अंतर्गत कोट कहलूर थाना में मामला दर्ज करवाया था। इसमें आरोप लगाया था कि 17 मार्च 2006 को हरपाल सिंह अपने दोस्तों के साथ ठेके साथ अहाते में बैठकर शराब पी रहा था।
शराब पीने के बाद हरपाल की वहां उसके साथ बैठकर शराब पी रहे बग्गा राम नाम के व्यक्ति के साथ बहस हो गई। इस पर उन्होंने इन्हें अहाते से बाहर निकाल दिया। अहाते से बाहर निकलते ही हरपाल ने बग्गा राम से मारपीट शुरू कर दी। इस कारण बग्गा राम के मुंह, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों काफी चोटें आईं। इस पर हरपाल के खिलाफ थाना कोट में आईपीसी की धारा 323, 325 व 341 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि सीजेएम की अदालत से बार-बार समन भेजने के बावजदू हरपाल सिंह अदालत में पेश नहीं हो रहा था। इसके बाद उसे उद्घोषित अपराधी करार कर पीओ सैल को पकड़ने के आदेश जारी किए गए।
पीओ सैल के प्रभारी दौलत राम और रवि गौतम सहित सिक्योरिटी में तैनात रामपाल की टीम ने हरपाल को पकड़ने के लिए नालागढ़, स्वारघाट, बद्दी, रोपड़, आनंदपुर साहिब और भानुपली सहित संभावित ठिकानों में छापामार कार्रवाई की।
मगर उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद पीओ सैल को हरपाल के सिद्देवाल में होने की सूचना मिली। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पीओ सैल की टीम ने उसे वहां से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि आरोपी को सीजेएम की अदालत में पेश किया जा रहा है।