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पंचायत सचिव, प्रधान पर चलेगा धोखाधड़ी का केस

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अमर उजाला ब्यूरो
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घुमारवीं (बिलासपुर)।
झबोला पंचायत के पूर्व सचिव रंजना शर्मा और प्रधान सपना कुमारी के खिलाफ न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी घुमारवीं उपासना शर्मा की अदालत ने पंचायत दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने तथा धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार पुत्र रतनचंद निवासी झबोला का कहना है कि 15 अगस्त, 2016 को पंचायत का आम अधिवेशन हुआ था। इसमें आम सभा ने कई प्रस्ताव पारित किए। इनकी कार्यवाही तत्कालीन सचिव ने दर्ज की थी। अधिवेशन में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें वाटर गार्ड सुधीर शर्मा की सेवाओं पर असंतोष जताया गया। प्रस्ताव में कहा कि वाटर गार्ड की सेवाएं 15 अगस्त, 2016 से निरस्त समझी जाएं। यह प्रस्ताव रजिस्टर के पेज नंबर 17 पर में अंकित गया गया।
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इसके अलावा ये भी प्रस्तावित पारित किया गया कि वाटर गार्ड की जगह दूसरे व्यक्ति की तैनाती की जाए। साधारण अधिवेशन की सारी कार्यवाही पंचायत के सभी सदस्यों तथा ग्राम वासियों द्वारा हस्ताक्षरित की गई। शिकायतकर्ता के वकील सुनील शर्मा ने बताया कि प्रधान ने विभाग के सहायक अभियंता को नया वाटर गार्ड नियुक्त करने के लिए भी पत्र लिखा। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने रजिस्टर की कार्यवाही को दोबारा देखा तो इस प्रस्ताव को बदल दिया गया था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन दोनों ने मिलकर प्रस्ताव संख्या 13 में कटिंग करके सभी लाइनों को बदल डाला। रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ करके लिखा गया कि वाटर गार्ड को हिदायत दी जाती है कि वह अपनी सेवाओं में सुधार लाए। शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत उपायुक्त बिलासपुर को की। इसकी छानबीन पंचायत इंस्पेक्टर की ओर से की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि इन लोगों ने सरकारी दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ की है।
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शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि सचिव और प्रधान ने इस छेड़छाड़ के बारे में अपना बयान भी दर्ज करवाया। छानबीन के बाद उपायुक्त बिलासपुर में तत्कालीन सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता के वकील सुनील शर्मा ने बताया कि पुलिस ने आज तक आरोपियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की है। इसके चलते शिकायत पत्र अदालत में दायर किया गया। अदालत ने पुलिस को निर्देश जारी किए कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
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