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78 फीसदी महिलाएं माहवारी में सेनेटरी नैपकिन का करती हैं प्रयोग
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जिला प्रशासन की ओर से माहवारी स्वच्छता पर करवाए गए सर्वेक्षण में चला पता
6000 लड़कियों और महिलाओं पर किया गया सर्वेक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जिले में माहवारी स्वच्छता और इसके पर्यावरण-हितैषी प्रबंधन पर जिला प्रशासन की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट हमीरपुर पहुंच गई है। इस सर्वेक्षण के लिए प्रेरणा स्रोत प्रदेश रेडक्रास सोसायटी एवं अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्ष डॉ. साधना ठाकुर रहीं। उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा ने बताया कि जिले के सभी विकास खंडों में माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन पर क्लस्टर सैंपल के माध्यम से एक सर्वेक्षण किया गया। इसमें 6000 लड़कियों और महिलाओं को 18 वर्ष से कम आयु और 18 वर्ष से अधिक आयु के दो समान समूहों में विभक्त किया गया। 10 फरवरी से 25 फरवरी के बीच जिले के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह अध्ययन किया गया।
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सर्वेक्षण में पाया गया कि 56 फीसदी भागीदारों को उनकी माताओं से माहवारी स्वच्छता के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। जिले में 78 फीसदी लड़कियां और महिलाएं माहवारी के दौरान सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग करती हैं। सेनेटरी नैपकिन का लगभग 50 फीसदी निस्तारण कूड़ादान के माध्यम और लगभग 40 फीसदी नैपकिन को जलाकर नष्ट किया जाता है। अध्ययन में सामने आया कि लोग अभी भी कुछ पौराणिक परंपराओं से बंधे हैं और इस सामान्य प्रक्रिया के बारे में उनकी सोच में सहज परिवर्तन और जागरूकता लाने के लिए एक अभियान चलाया जाना अपेक्षित है। जिला प्रशासन की ओर से एक कार्य योजना तैयार की गई है। गुजरात से मंगवाए गए इंसीनेटरों को अब जिले के सभी विकास खंडों में स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बिजली चालित (इलेक्ट्रिक) इंसीनेटर स्कूलों में स्थापित किए जाएंगे। उपायुक्त ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से नुक्कड़-नाटक कर जागरूकता लाने की भी योजना है।
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