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बरमाणा पंचायत में सोलर लाइट आवंटन में गोलमाल

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अमर उजाला ब्यूरो
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बरमाणा(बिलासपुर)।
जिला की बरमाणा ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय सोलर मिशन कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सोलर लाइटों के मामले में गोलमाल की बात सामने आई है। पंचायत को कार्यक्रम के तहत करीब सात लाइटें मंजूर हुई थी, जिनकी कीमत एक लाख रुपये थी। मगर लाइटें पात्र लोगों की जगह चहेतों को बांट दी गई। पूरे मामले को लेकर कंपनी ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवाई है। मगर पुलिस की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। जिला प्रशासन ने मामले की शिकायत मिलने के बाद हिम ऊर्जा विभाग और पंचायत के उपप्रधान को नोटिस जारी कर दिया है। मामले का खुलासा 15 मई को उस समय हुआ जब हिम ऊर्जा विभाग की ओर से प्रधान को पूछा गया की लाइटें लग गई या नहीं। मगर जब उन्होंने इस बारे में अनभिज्ञता जताई तो मामले में गोलमाल का पटाक्षेप हुआ। इसके बाद पंचायत प्रधान ने इस संबंध में 19.05.2017 को प्रोजेक्ट ऑफिसर हिम ऊर्जा को पत्र लिखकर पूछा की पंचायत की ओर से जो सात लाइटों के लिए पैसा जमा करवाया है वह उन्हें नहीं मिली है। वहीं मांग की कि उक्त लाइटें जल्द मुहैया करवाई जाएं। इसके बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया तो पंचायत की ओर से एक प्रस्ताव भेजकर एसडीएम सदर को इस संबंध में अवगत करवाया। इतना कुछ हो जाने के बाद भी सरकारी अमला इस पूरे मामले को दबाने में लगा रहा। कंपनी प्रतिनिधि इस संबंध में 25 मई 2017 को बरमाणा थाना में शिकायत भी दी। इसके बाद भी पुलिस ने इस संबंध में कोई कदम उठाना जरूरी नहीं समझा। जबकि पात्र लोग महीनों से सोलर लाइटों का इंतजार कर रहे हैं। जबकि हिम ऊर्जा विभाग का कहना है कि लाइटें दे दी गई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर लाइटें कहां और किसको दी गई है? ऐसे में पूरे मामले में चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बड़े गोलमाल के आरोप लगना भी लाजिमी है। पंचायत प्रधान मंजू मनहंस ने बताया कि उन्होंने सात लाइटों के लिए डीडी बनाकर 15358 रुपये 25 मार्च 2017 को जमा करवा दिए है। मगर इसके के बाद भी अभी तक लाइटें नहीं मिली है। इस संबंध में एसडीएम को भी प्रस्ताव पहली जून को भेजा गया है। इस एसडीएम बिलासपुर डॉ. हरीश गज्जू ने बताया कि उपप्रधान और हिम ऊर्जा को इस बारे में नोटिस जारी किए गए है। उन्होंने कहा कि अगर नोटिस की तामिल नहीं हुई तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कोट्स
हिम ऊर्जा परियोजना अधिकारी हरीश शर्मा ने भी माना की लाइटें गलत लोगों को आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को और लाइटें मिले, इसके लिए सरकार को लिखकर सूचित किया गया है।
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