बिलासपुर। सड़क दुर्घटना के लगभग 10 साल पुराने मामले में वांछित आरोपी को पुलिस के पीओ सैल ने बिलासपुर के देलग में धर दबोचा। सड़क हादसा भी देलग में ही हुआ था। बिहार निवासी विनोद साहनी को अदालत ने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व उद्घोषित अपराधी करार दिया था। डेढ़ साल से उसकी तलाश में हिमाचल के साथ ही हरियाणा और बिहार में पसीना बहा रही पीओ सैल की टीम ने उसे पकड़ने के बाद बरमाणा पुलिस को सौंप दिया है।
जानकारी के अनुसार 28 जून 2009 को देलग के पास एक ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में नोग गांव के कपिल देव की मौत हो गई थी। ट्रैक्टर में 4.5 अन्य लोग भी सवार थे। उनसे पता चला था कि ट्रैक्टर को बिहार का विनोद साहनी चला रहा था। उसकी लापरवाही और तेज रफ्तार की वजह से ट्रैक्टर सड़क से लुढ़ककर लगभग 20 फीट नीचे जा गिरा था। बरमाणा पुलिस ने विनोद के खिलाफ मामला दर्ज किया था। छानबीन के बाद अदालत में चालान पेश किया गया, लेकिन जमानत मिलने के बाद आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ। इस पर अदालत ने 22 नवंबर 2017 को उसे उद्घोषित अपराधी करार दिया था।
पीओ सैल के प्रभारी दौलतराम तथा कांस्टेबल राकेश व राजकुमार ने विनोद साहनी की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा था। इस पर पीओ सैल ने कई जगह अपने मुखबिर भी तैयार किए। गत शनिवार शाम टीम को सूचना मिली कि आरोपी विनोद साहनी इन दिनों देलग में है। इस सूचना के आधार पर टीम ने देलग में दबिश देकर उसे धर दबोचा। उसे बरमाणा पुलिस को सौंप दिया गया है।
उधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि आरोपी को पकड़ लिया है, आगामी कार्रवाई जारी है।