कोल बांध प्रबंधन अधिकारी की ओर से मीडिया को दिए गए बयान पर विरोध दर्ज कराते विस्थापित और प्रभावित
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बिलासपुर। वीरवार को जैसे ही एक दैनिक समाचार पत्र के फेसबुक टीवी पर कोलबांध प्रबंधन के अधिकारी का बयान ब्रेक हुआ वैसे ही लोगों ने एनटीपीसी प्रबंधन के झूठे दावों की पोल खोलकर रख दी। लोगों ने जमकर एनटीपीसी की झूठी बयानबाजी को खबर के कमेंट बॉक्स में लताड़ा। वहीं लोगों ने साफ किया कि कंपनी के अधिकारी हर बात झूठी मीडिया के सामने रख रहे हैं।
जानकारी के अनुसार दैनिक समाचार पत्र के एक रिपोर्टर ने कोविड-19 पर एनटीपीसी के योगदान को लेकर कंपनी के एक बड़े अधिकारी का इंटरव्यू लिया जिसमें अधिकारी ने इस दौरान कंपनी की तरफ से हरनोड़ा, कसोल, जमथल, नैहर और आसपास के गांव में हर सुविधा मुहैया करवाने का दावा किया।
अधिकारी ने कहा कि वो क्षेत्र में स्पीकर के जरिए लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वहीं लोगों को सैनिटाइजर और मास्क भी वितरित कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने दावा किया कि वो आसपास के क्षेत्र को सैनिटाइज भी कर रहे हैं।
कंपनी के अधिकारी का इंटरव्यू देखते ही क्षेत्र के लोगों ने समाचार पत्र के चैनल पर ही कंपनी की पोल खोलनी शुरू कर दी। लोगों ने कहा कि कंपनी का अधिकारी मीडिया को झूठी जानकारी दे रहा है। जो भी अधिकारी ने अपने बयान में कहा उसमें एक भी बात सही नहीं हैं। वहीं लोगों ने इस दौरान मीडिया की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि मीडिया को धरातल पर जाकर देखना चाहिए कि कंपनियां लोगों के लिए क्या काम कर रहीं हैं।