बिलासपुर। अपने 18 महीने के कार्यकाल में एक भी एनडीपीएस का मामला दर्ज न कर पाने के मामले में निलंबित चल रहे तत्कालीन थाना प्रभारी कोट का अब दूसरे जिले में तबादले को पत्र लिखा गया है। थाना प्रभारी चल रही जांच को प्रभावित न करे इसलिए एसपी बिलासपुर की ओर से उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्कालीन थाना प्रभारी की दूसरे जिला में तबादले की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि गत रोज पहले एसपी बिलासपुर ने कोट थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया था जिसके बाद उक्त अधिकारी को पुलिस लाइन में हाजिर कर दिया गया है। जबकि एएसपी बिलासपुर भागमल ठाकुर उक्त अधिकारी की विभागीय जांच कर रहे हैं लेकिन निलंबित अधिकारी मामले की जांच को किसी भी प्रकार प्रकार से प्रभावित न करे इसलिए उनका तबादला दूसरे जिले में किया जाए। सूत्रों की माने तो निलंबित किया गया अधिकारी बड़ी पहुंच रखता है जिसको लेकर पुलिस को लग रहा है कि वह अपने खिलाफ चल रही जांच को भी प्रभावित कर सकता है।
गौर रहे कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने कोट थाने में अपने 18 महीने के कार्यकाल में एक भी नशे के कारोबारी को न पकड़ा और न ही कोई एनडीपीएस का मुकदमा दिया था। इसके अलावा उक्त अधिकारी के खिलाफ क्षेत्र के कुछ लोगों में पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के अलावा राज्य सरकार को भी शिकायत भेजी थी जिसके बाद इस पूरे मामले की जांच डीएसपी श्री नयना देवी द्वारा की गई थी। जांच पूरी होने के बाद एसपी दिवाकर शर्मा ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी के निलंबन के आदेश जारी कर उसे लाइन हाजिर कर दिया था।
एसपी बिलासपुर दिवाकर शर्मा ने कहा कि निलंबित थाना प्रभारी के खिलाफ जांच चल रही है। उक्त अधिकारी को बिलासपुर जिले से दूसरे जिला में तबादला करने के बारे भी उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।