बिलासपुर। सरकार भले ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के दावे कर रही है लेकिन आज भी बेटियों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा है। ऐसा ही एक मामला भराड़ी में आयोजित जनमंच कार्यक्रम में सामने आया, जहां एक मासूम रविना भरी आंखों से मंत्री को अपनी दास्तां सुनाने पहुंची। रविना ने बताया कि माता-पिता का साया तो बचपन से ही सिर से उठ गया लेकिन किसी तरह अपने आप को संभाला। बालिग होने पर पता चला कि कुछ जमीन उसके भी नाम है। किसी तरह जमीन जो अपने नाम करवा ली लेकिन उसके बाद भी उसके ताया ने उसकी जमीन पर कब्जा कर बैठे हैं।
रविना ने मंत्री के समक्ष अपनी दास्तां सुनाई। मासूम ने बताया कि माता-पिता का साया बचपन में सिर से उठ गया। कुछ जमीन हिस्से आई थी लेकिन उसपर ताया कब्जा करे हुए हैं। हालत ऐसी है कि अब तो घर को रास्ता तक नहीं। कहती है कुछ जमीन तो हिस्से आई है जिसमें कुछ जमीन सड़क के साथ है लेेकिन उस जमीन में ताया ने तारें लगा रखी हैं। अपनी जमीन का कब्जा लेने के लिए संबंधित विभागों के दफ्तरों के भी कई चक्कर काट चुकी हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।
मौके पर राज्य सरकार के पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मासूम की पूरी बात को ध्यान से सुना और मौके पर अधिकारियों और एसडीएम घुमारवीं को कड़े आदेश जारी करते हुए कहा कि एक सप्ताह में बेटी की जमीन उसे मिलनी चाहिए। मंत्री ने साफ किया कि प्रशासन स्वयं मौके पर जाए। पुलिस भी साथ लेकर जाए और बेटी की जमीन का कब्जा मासूम को दिया जाए।
रविना ने बताया कि जब वह 9 महीने की थी तो मां का देहांत हो गया। पांच साल की हुई तो पिता भी छोड़ कर चल दिए। इसके बाद चाचा-चाची ने पाल कर बड़ा किया। जो कुछ जमीन नाम थी उस पर भी अधिकांश पर ताया ने कब्जा कर रखा है। कहा कि जनमंच में आश्वासन मिला है उम्मीद है कि अब जमीन उसे मिलेगी।