शाहतलाई(बिलासपुर)। दि तलाई सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच के लिए शुक्रवार को एनफोर्समेंट परिवर्तन निदेशालय की टीम ने सभा का रिकॉर्ड जांचा। इस मौके पर जिला पुलिस की टीम भी साथ थी। इस जांच के दौरान सभा में हुए घोटालों को लेकर और कई खुलासे हुए हैं। सभा के तत्कालीन सदस्यों में से कई ने बताया कि सभा की ओर से लेनदेन पहले हो जाता था। जबकि प्रस्ताव बाद में डाले जाते हैं। जबकि कई मामलों में तो सभा के कई सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं है।
शुक्रवार को शिमला से एलएडी विभाग की टीम व जिला बिलासपुर के एएसपी भागमल की अगुवाई में पुलिस टीम ने सभा के कर्मचारियों को पुलिस थाने में रिकॉर्ड सहित बुलाकर गहन छानबीन की। उल्लेखनीय है कि सभा में करोड़ों रुपये के लेनदेन में हुई हेराफेरी से सभा पर आर्थिक संकट आ गया। लोगों की करोड़ों की धन राशि सभा के पास फंस गई जिसके चलते मामला पुलिस में चला गया। इस मामले में सभा के पूर्व सचिव पुलिस हिरासत में हैं। जबकि प्रबंधक समिति के सदस्यों को भी 44 दिनों के बाद जमानत मिली है।
शुक्रवार को एलएडी टीम ने सभा के रिकॉर्ड की जांच की। पैसा कहां से आया और कहां चला गया इस पर गहन छानबीन करते हुए कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभा के पूर्व प्रबंधन समिति के सदस्य एएसपी से मिले और सभा में हुई करोड़ों रुपये की हेराफेरी की जांच को आगे बढ़ाने व असली दोषियों तक जल्द पहुंचने की गुहार लगाई जिस पर एएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी तरह से निष्पक्ष जांच में जुटी है।
संबंधित विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रबंधक समिति के सदस्यों ने कहा कि कई मामलों में पैसों का लेन देन पहले हो जाता था तथा प्रस्ताव बाद में डाले गए हैं तथा कई प्रस्तावों पर कई सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं हुए हैं। उसकी भी जांच की जाए।