बरठीं(बिलासपुर)। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार के माध्यम से लगभग आठ वर्षों से कार्यरत आठ कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस से काम पर से हटा दिया गया है जिस कारण कर्मचारी आंदोलन के मुड़ में आ गए हैं।
पिछले वर्ष 2012 से सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की योजना एलडब्ल्यू एसएस मलारी बल्हसीणा पेयजल योजना में कार्य कर रहे निर्मल सिंह, मदन लाल, बलबीर सिंह, सुनील कुमार, पवन कुमार, प्रीतम सिंह, राकेश कुमार, पवन कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि वह लगातार आठ वर्षों से अपनी सेवाएं विभाग में ठेकेदार के माध्यम से दे रहे हैं लेकिन अब बिना नोटिस के उन्हें हटा दिया गया है जिस कारण उनको अब दो वक्त की रोटी के लाले पड़ने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का भरण पोषण चल रहा था लेकिन अब भूखे रहने की नौबत आ जाएगी। आठ वर्ष तक उन्होंने इस आस से विभाग में लगाए ताकि उन्हें आने वाले समय में भी नौकरी पर रखा जाएगा लेकिन विभाग की इस बेरुखी के कारण अब वह कहीं और भी कार्य करने के काबिल नहीं बचे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें काम पर नहीं रखा गया तो वह आंदोलन का रुख अख्तियार करने पर मजबूर होंगे। इधर ठेकेदार किशोरी लाल ने बताया कि उनके पास यह योजना आठ वर्षों से है जिसका टेंडर 28 मार्च तक है और उन्हें अभी तक कोई भी नोटिस नहीं मिला है। इस बारे में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता कृष्ण लाल गुलेरिया ने बताया कि योजना को चलाने के लिए एक संधि ठेकेदार से की गई थी और अब उनका समय पूर्ण हो चुका है इसलिए ठेकेदार से योजना को विभाग ने अपने अधीन कर लिया है। जिस कंपनी ने अब नया टेंडर लिया है उनके कर्मचारियों ने योजना पर कार्य करना शुरू भी कर दिया है।