बिलासपुर। दि तलाई सहकारी सभा में हुए 33 करोड़ के गोलमाल का आंकड़ा अब 38 करोड़ हो गया है। हाल ही में पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है। 5 करोड़ की ब्याज दर के साथ इस राशि में यह बढ़ोतरी हुई है। उक्त राशि सभा के ब्याज के रूप में आनी थी लेकिन गोलमाल की वजह से यह राशि भी घोटाले में जुड़ गई है।
बिलासपुर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागमल ठाकुर ने इस केस से जुड़े हर पहलु को एक बार फिर से जांचा जिसमें यह बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों के बैंक के खाते खंगालने के साथ इस बात की जांच भी कर रही है। कहा कि पुलिस जांच में अभी और भी अहम खुलासे होने की संभावना है। कहा कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
बताते चलें कि 2018-19 में यह घोटाला 33 करोड़ से शुरू हुआ था लेकिन अब 2019-20 के ब्याज की राशि को जोड़ कर यह राशि 38 करोड़ तक पहुंच गई है। अगर समय से इस केस को नहीं सुलझाया गया तो इस राशि में हर वर्ष बढ़ोतरी होती जाएगी।
दि तलाई सहकारी सभा के घोटाले में तत्कालीन कमेटी को बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं इस घोटाले का मुख्य आरोपी और लोन लेने वाला राजस्थानी दंपति अभी तक जेल में है। पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि आरोपियों ने घोटाले का पैसा आखिर डाला कहां? इतना ही नहीं पुलिस ने इस घोटाले से जुड़े लोगों के हर एक बैंक खाते को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि इस बात का जल्द पता लगाया जा सके कि करोड़ों का गमन किया हुआ पैसा आखिर है कहां।