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गिरकर नहीं, फंदा लगाकर हुई व्यक्ति की मौत

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गिरकर नहीं, फंदा लगाकर हुई व्यक्ति की मौत
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बड़गांव में वारदात, खुलासा होते ही पुलिस ने मौके पर रोका अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम से खुलासा होते ही डीएसपी सहित पुलिस पहुंची मौके पर
शव को कब्जे में लेकर फिर से पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं(बिलासपुर)। बडग़ांव में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। फंदा लगा कर एक व्यक्ति ने जान दे दी लेकिन परिजनों ने उसे डंगे से गिर कर हुई मौत का हवाला देकर पुलिस को सूचना दी लेकिन व्यक्ति के पोस्टमार्टम के बाद जानकारी लगी की व्यक्ति की मौत फंदे से झूलने या फिर गला घोंट कर हुई है। इसके बाद डीएसपी घुमारवीं सहित अन्य पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर व्यक्ति के अंतिम संस्कार को रोक दिया।
वहीं शव को फिर से कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पुलिस को संदेह है कि व्यक्ति की हत्या की गई हो सकती है। अब पुलिस हर पहलु को ध्यान में रख कर छानबीन कर रही है। वहीं यह भी बताया जा रहा है मृतक का भाई पंचायत में उपप्रधान के पद पर आसीन है लेकिन अब यह सवाल बना हुआ है कि आखिर क्यों आत्महत्या के मामले को गिरकर मौत का रूप दिया जा रहा था?
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जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बडग़ांव के टिहार गांव के सुखदेव ने फंदा लगा कर जान दे दी। हादसे के समय कोई भी घर में नहीं था। इसके बाद बताया जा रहा है कि सरकार हादसे से हुई मौत के बाद मिलने वाली लाखों रुपये की चाहत के चक्कर में आत्महत्या के मामले को डंगे से गिर कर हुई मौत का रूप दे दिया गया लेकिन अपराधी अपने मनसूबों में कामयाब हो पाते डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी कि मौत डंगे से गिर कर नहीं हुई है। मौत का कारण फंदे से झूलना या फिर रस्सी से गला दबाया है। सूचना मिलते ही डीएसपी घुमारवीं और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर अंतिम संस्कार की तैयारियों को रोका और मौकेे पर लोगों ने पूछताछ की। इसमें मौके पर लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले झूठे बयान दिए थे। पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर शव को एक बार फिर कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एसपी बिलासपुर साक्षी वर्मा ने बताया कि पुलिस मौत के कारणों और पहले लोगों द्वारा क्यों झूठे बयान दिए गए इन सभी मामलों की जांच में जुटी है। अभी डॉक्टरों से पुलिस ने कुछ और बातें भी जानना चाही हैं। इसको लेकर मृतक का अंतिम संस्कार रोका गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर छानबीन कर रही है। कहा कि पुलिस इस पहलु को भी ध्यान में रख कर जांच कर रही है कि कहीं मृतक की हत्या तो नहीं की गई है।
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झूठे बयान देने वालों पर भी होगी एफआईआर
इस मामले में झूठे बयान देने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होना तय है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिन्होंने पुलिस को इस मामले में यह बयान दिए है कि मृतक की डंगे से गिरने के कारण मौत हुई है उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर छानबीन कर ली है।
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मृतक का भाई है पंचायत उपप्रधान
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मृतक का भाई पंचायत का उपप्रधान भी है। वहीं हादसे में हुई मौत पर मिलने वाले लाखों रुपये मुआवजे को हड़पने के चक्कर में आत्म हत्या को डंगे से गिरने से हुई मौत का रूप दिया जा रहा था। हालांकि इस मामले की अभी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन पुलिस हर पहलु को ध्यान में रख कर छानबीन कर रही है।
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