बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन में साल 2013 से 2018 तक काम करने वाले ठेकेदारों को अभी तक इनका पैसा नहीं मिला है जिसे लेकर ठेकेदारों ने उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। ठेकेदारों ने ज्ञापन में साफ किया है कि जब तक उनके काम की अदायगी एनएचएआई उन्हें नहीं करती है तब तक वो फोरलेन का काम नहीं होने देंगे।
उल्लेखनीय है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का काम एनएचएआई ने बीओटी के आधार पर आईएलएंडएफएस को आवंटित किया था जिसने आगे ठेकेदारों को काम देकर साल 2013 से 2018 तक फोरलेन का काम करवाया।
ठेकेदारों का कहना है कि 2018 के बाद कंपनी ने फोरलेन का काम बंद कर दिया और ठेकेेदारों की अदायगी नहीं की। इनका कहना है कि अपने पैसे के लिए वो कई बार जिला प्रशासन को लिखित में शिकायत दे चुके हैं। वहीं ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से भी पैसे की अदायगी करवाने की गुहार लगाई थी लेकिन अभी तक पैसों की अदायगी नहीं हो पाई है।
ठेकेदारों का कहना है कि एनएचएआई ने आईएलएंडएफएस के साथ सड़क बनाने का करार खत्म कर दिया है लेकिन जानकारी के अनुसार आईएलएंडएफएस के अधिकारियों ने एनएचएआई को प्रस्ताव दिया था कि ठेकेदारों की अदायगी एनएचएआई करे। वहीं इस प्रस्ताव में यह भी कहा गया था कि कंपनी ने फोरलेन के निर्माण में 1400 करोड़ रुपये की राशि अपनी खर्च की थी जिसके आधार पर कंपनी ने पैसों की अदायगी एनएचएआई को करने को कहा था।
उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में ठेकेदारों ने कहा है कि जब तक उनका पैसा उन्हें नहीं मिल जाता है, तब तक वो किसी भी कंपनी को फोरलेन का काम नहीं करने देंगे। उन्होंने मांग की है जिला प्रशासन एनएचएआई, आईएलएंडएफसी और ठेकेदारों को बुलाकर इस समस्या का समाधान करे।
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