फोरलेन निर्माण कार्य में लगी कंपनी की ओर से नियमों को दरकिनार करना लोगों के लिए महंगा पड़ रहा है। कंपनी की ओर से की जा रही कटिंग और ब्लास्टिंग के कारण लोगों के घर गिरने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इससे सैकड़ों लोग दहशत में हैं। लोगों की बार-बार मांग के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं। ऐसे में गुस्साएं लोगों ने शुक्रवार को कल्लर के पास करीब दो घंटे तक चक्का जाम रखा। लोगों के गुस्से को देखकर पुलिस और कंपनी प्रबंधन मौके पर पहुंच,े तब जाकर लोगों को किसी तरह से शांत करवाया।
उल्लेखनीय है कि जिला की ग्राम पंचायत बैहना जट्टा के गांव कल्लर में फोरलेन निर्माण कंपनी की खुदाई से रिहायशी मकानों में दरारें आ गई हैं। वहीं, मकान मालिक रोशन लाल पुत्र श्रीराम और सुदेश कुमारी ने गांव के लोगों और पंचायत सदस्यों को लेकर सुबह 10:15 बजे से लेकर 12:10 बजे तक चक्का जाम कर रखा था। रभगेड़ ऋषिकेश वाया औहर रोड को कल्लर गांव के पास जाम किया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। जाम के कारण लोगों को गर्मी में भारी परेशानियों से दोचार होना पड़ा। रोशन लाल ने बताया कि वर्ष 2013 में इस बारे उपायुक्त और एसडीएम व निर्माण कंपनी के अधिकारियों को भी शिकायत पत्र दिया था। शिकायत पत्र पर न तो जिला प्रशासन और न ही कंपनी ने कोई कदम उठाए। कंपनी ने घरों के नीचे खुदाई चार महीने पहले कर रखी है। लेकिन, ल्हासे को गिरने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। फोरलेन निर्माण में हो रही ब्लॉस्टिंग के कारण स्वारघाट के आसपास के लोगों के घरों में दरारें आ गई हैं। लोगों के विरोध के बाद क्षेत्र की पंचायत और विधायक भी दौरा कर चुके हैं।
इस मौके पर पंचायत प्रधान विक्रम धीमान सहित पूर्व प्रधान, वार्ड सदस्यों सहित 40 से 50 लोग मौजूद रहे।
घरों के होंगे सर्वे : श्रीवास्तव
फोरलेन निर्माण कंपनी के अधिकारी श्रीवास्तव और साइट इंचार्ज नीरज ने लोगों को आश्वासन दिया है कि घरों के सर्वे किए जाएंगे। लोगों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
एसडीएम और तहसीलदार के समक्ष रखें समस्या : उपायुक्त
उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर का कहना है कि लोग इस मामले में एसडीएम और तहसीलदार से मिलकर अपनी समस्या रखें। एसडीएम और तहसीलदार को इस मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए जाएंगे।