जिला पंजीयक सहकारी सभाएं की अदालत ने सुनवाई में दिए आदेश
तीन से अधिक पेशियों में गैरहाजिर रहने वाले 50-60 लोगों के खिलाफ चरणबद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी होंगे
ऋण नहीं चुकाने वालों पर कसा शिकंजा, सहकारी ऋण बकायेदारों पर कार्रवाई तेज, तहसीलदार को अटैचमेंट का अधिकार
तीन से अधिक पेशियों में गैरहाजिर रहने वालों पर विभाग का कड़ा रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल की ग्राम सेवा सहकारी सभाओं से ऋण लेकर वर्षों से बकाया राशि जमा नहीं करने वाले डिफाल्टरों पर सहकारिता विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार को जिला पंजीयक (सहकारी सभाएं) की अदालत में करीब 100 ऋण डिफाल्टरों की सुनवाई हुई। विभाग ने 30 से 35 मामलों में संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि लगातार तीन या उससे अधिक पेशियों में अनुपस्थित रहने वाले 50 से 60 डिफाल्टरों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे।
बुधवार को दधोल, दाबला, दी छत, भेड़ाघाट, तलवाड़ा, पेहड़वीं सहित घुमारवीं क्षेत्र की विभिन्न ग्राम सेवा सहकारी सभाओं के डिफाल्टरों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। इन लोगों ने कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार और अन्य जरूरतों के लिए ऋण लिया था। वे निर्धारित अवधि तक बकाया राशि जमा नहीं करवा पाए। विभाग ने पहले नोटिस जारी किए और कई बार सुनवाई के लिए बुलाकर भुगतान का अवसर दिया, लेकिन कई लोग न तो अदालत में पहुंचे और न ही ऋण चुकाया।
सुनवाई के दौरान प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा की गई। जिन लोगों ने आंशिक भुगतान किया या आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला दिया, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए 15 दिन से दो माह तक की मोहलत दी गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि तय अवधि के भीतर बकाया जमा नहीं करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
विभाग ने 30 से 35 मामलों में संबंधित डिफाल्टरों की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए तहसीलदार घुमारवीं को अधिकृत किया गया है। अटैचमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यदि बकाया जमा नहीं हुआ तो संबंधित संपत्तियों की कुर्की कर राशि की वसूली की जाएगी। सहकारिता विभाग का कहना है कि सहकारी सभाओं का धन किसानों और सदस्यों की साझा पूंजी है। समय पर ऋण की वसूली नहीं होने से सभाओं की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है और जरूरतमंद लोगों को नया ऋण देने में भी कठिनाई आती है। विभाग ने सभी डिफाल्टरों से स्वयं आगे आकर बकाया राशि जमा करने की अपील की है, ताकि गिरफ्तारी, संपत्ति अटैचमेंट और कुर्की जैसी कार्रवाई से बचा जा सके।
घुमारवीं क्षेत्र की सहकारी सभाओं के करीब 100 डिफाल्टरों की पेशी हुई। प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा की गई। कुछ लोगों को 15 दिन से दो माह तक का समय दिया गया है। करीब 30 से 35 मामलों में संपत्ति अटैच करने के लिए तहसीलदार को अधिकृत किया गया है। वहीं लगातार तीन या उससे अधिक पेशियों में अनुपस्थित रहने वाले करीब 50 से 60 लोगों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे।
- भास्कर कालिया, जिला पंजीयक (सहकारी सभाएं), बिलासपुर