बिलासपुर। जिला उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार गो सदनों और काऊ सेंचुरी को वित्तीय मदद देगी। सरकार ने इस बाबत कारगर योजना तैयार की है। इसके तहत गो सदनों में 500 तथा काऊ सेंचुरी में 1500 तक प्रति पशु प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस आशय की जानकारी बिलासपुर के गो सदन संचालकों के साथ आयोजित बैठक में जिला उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने दी।
उन्होंने बताया कि जिले में गो सदनों में बेहतरीन कार्य चल रहा है। गो सदनों और काऊ सेंचुरी को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए और सहायता प्रदान करने के लिए योजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जो भी गो सदन गो सेवा आयोग के साथ पंजीकृत होंगे उन्हें यह सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सोसायटी एक्ट के तहत गोसदन और पंचायतों द्वारा अस्थाई तौर पर चलाए जा रहे पशु आश्रय स्थलों जो कि संबंधित कमेटी के द्वारा अनुमोदित हों को भी सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि गो सदनों के बेहतरीन संचालन के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तथा एसडीएम की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय और तहसीलदार की अध्यक्षता में स्थानीय समितियां गठित की जाएंगी।
उन्होंने समस्त एसडीएम को भी निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में आने वाले गो सदनों का समिति के सदस्यों सहित शीघ्र निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। गो सदनों की समस्याओं के बारे में अवगत करवाएं। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता के तौर पर पुलों पर घूम रहें पशुओं को आश्रय दिया जाएगा। उपनिदेशक पशु पालन डॉ. अविनाश शर्मा ने बताया कि गो सदनों में जो भी पशु
रखे जाएंगे उन्हें टैग लगाए जाएंगे। सभी गो सदनों में 16 जून तक पशुओं को मुंहखुर रोग निरोधक टीके भी लगाएं जाएंगे। उचित सामाजिक दूरी के साथ हुई इस बैठक में गो सदन बल्हसीणा, पडयालग, लैहड़ी बरेटा, चांदपुर, रघुनाथपुरा, कोठीपुरा, बिलासपुर बलगा, ड़सोहणी देवी तथा सुनील प्रगति समाज भगेड़ के गो सदन संचालकों और बीडीओ सदर ने भाग लिया।