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साइबर ठगी मामला : घुमारवीं अदालत ने बैंक खाता डी-फ्रीज करने से किया इन्कार

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अदालत से
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साइबर कैफे संचालक की याचिका खारिज, जांच जारी रहने तक खाता रहेगा फ्रीज

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। साइबर ठगी से जुड़े एक मामले में घुमारवीं न्यायालय ने साइबर कैफे संचालक को राहत देने से इन्कार कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत नंबर-2, घुमारवीं की न्यायाधीश ने बैंक खाता डी-फ्रीज करने संबंधी आवेदन को खारिज कर दिया।
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दिल्ली के संगम विहार स्थित इवारप्ली स्टूडियो नामक साइबर कैफे के संचालक की ओर से अदालत में आवेदन दायर किया गया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि वह एक पंजीकृत साइबर कैफे चला रहा है और उसके एक्सिस बैंक खाते में 22 अप्रैल 2025 को 40 हजार रुपये की राशि आई थी। इसी राशि के चलते पुलिस थाना घुमारवीं ने साइबर ठगी की शिकायत के तहत उसका खाता फ्रीज कर दिया। याचिकाकर्ता ने अदालत में तर्क दिया कि उक्त राशि सामान्य व्यावसायिक लेन-देन के तहत प्राप्त हुई थी और उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि यह रकम किसी साइबर अपराध से जुड़ी है। खाते के फ्रीज होने से उसका रोजगार प्रभावित हो रहा है, इसलिए खाते को डी-फ्रीज किया जाए। शिकायतकर्ता की ओर से याचिका का कड़ा विरोध किया गया। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने आरोपियों को नकद राशि उपलब्ध करवाई थी और दिल्ली में एटीएम सुविधा होते हुए भी कमीशन लेकर नकद देना संदेहास्पद है। शिकायतकर्ता ने स्वयं को 70 हजार रुपये की ठगी का शिकार बताया। अदालत ने आदेश में कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और याचिकाकर्ता की भूमिका को लेकर कई तथ्य स्पष्ट नहीं हैं। साथ ही इस संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता कि आगे चलकर याचिकाकर्ता को भी आरोपी बनाया जाए। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने बैंक खाता डी-फ्रीज करने की याचिका खारिज कर दी। साथ ही आदेश दिया कि जांच पूरी होने तक खाता फ्रीज रहेगा।
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