- हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने किया निरीक्षण
- एफसीए की मंजूरी के लिए चल रहा प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता कोर्ट के भवन का निर्माण 9.17 बीघा भूमि पर किया जाएगा। भवन के निर्माण के लिए चयनित भूमि का सोमवार को हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने निरीक्षण किया। चयनित भूमि बरनोट स्थित वन विभाग के विश्राम गृह के साथ है।
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर को विभागीय अधिकारियों ने भूमि की जानकारी दी। चयनित भूमि की एफसीए एक्ट के तहत मंजूरी के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया चल रही है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन की ओर से भूमि को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की जाएगी। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कानूनी सेवा प्राधिकरण, मध्यस्थता केंद्र, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर सहित अन्य सुविधाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के लिए न्यायपालिका को एफसीए के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद प्रशासन न्यायपालिका को पर्चा और ततिमा आदि दस्तावेज उपलब्ध कराएगा। इस दौरान न्यायाधीश जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने अधिवक्ताओं से बातचीत करते हुए कहा कि न्यायपालिका को तेज और सरल बनाया जाए, ताकि हर नागरिक को शीघ्र न्याय मिल सके।
बता दें कि पूरे भारत में ज्यूडिशियल भवन निर्माण के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार, जबकि 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार का होता है। वहीं, झंडूता कोर्ट का भवन बहुमंजिला और आधुनिक तकनीक से बनाया जाएगा। मौजूदा समय में सिविल कोर्ट झंडूता विकास खंड कार्यालय में बने कमरों में चल रहा है। इससे कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चिराग भानु, मोबाइल ट्रैफिक मजिस्ट्रेट विभूति बहुगुणा, सिविल जज झंडूता रोजी दहिया, एसडीएम झंडूता योगराज धीमान, तहसीलदार अर्शिया शर्मा, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर भाग सिंह ठाकुर, बार एसोसिएशन झंडूता के अध्यक्ष सर्वजीत सिंह, अधिवक्ता अंकित चंदेल, अधिवक्ता नीरज वसु, अधिवक्ता लेखराम वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके चौहान, सहायक अभियंता नितेश शर्मा, आरओ देशराज, अधिवक्ता दलजीत कटवाल, सुनील ठाकुर, विजय कौशल, अनुराग शर्मा, राहुल पटियाल, प्रवेश, अक्षय, हिम भूषण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।