बिलासपुर। प्रदेश हाईकोर्ट में विचाराधीन चल रहे शहर के अवैध कब्जों को लेकर कभी भी कोई बड़ा फैसला आ सकता है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वीरवार को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट में सोमवार को सुनवाई की डेट तय की है। इस मामले में सोमवार को पेशी की नई तारीख तय करते हुए जिले के डीसी व एसडीएम को व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने के आदेश दिए हैं। अब पूरे मामले में दोनों अधिकारियों को कोर्ट के सामने स्पष्ट करना है कि अवैध कब्जों को लेकर क्या स्टेट्स है। एसडीएम बिलासपुर नरेंद्र कुमार आहलूवालिया ने खबर की पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर शहर में लोगों के अवैध कब्जों को लेकर पिछले कई वर्षों से हाईकोर्ट में केस विचाराधीन है। इस प्रक्रिया में अब तक जिला प्रशासन कई बार ऐसे कब्जों को चिह्न्ति भी कर चुका है लेकिन बीच में सरकार कई बार पॉलिसी बनाने की बात करती आई है लेकिन अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि अवैध कब्जों को लेकर सरकार क्या कदम उठा रही। कई बार प्रशासन की ओर से हाई कोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट भी दी जा चुकी है।
हालांकि पूर्व में प्रशासन की ओर कुछ छिटपुट मामलों को गिराया भी गया और इस संबंध में भी हाईकोर्ट को प्रशासन ने सूचित किया लेकिन अदालत जिला प्रशासन की ओर से पेश की गई दलीलों व अब तक की प्रगति से संतुष्ट नहीं थी।
वीरवार को इस मामले में सुनवाई हुई। तहसीलदार बिलासपुर व नगर परिषद की ईओ उर्वशी वालिया अदालत के समक्ष प्रस्तुत हुई थीं लेकिन अदालत इनकी दलीलों व अपीलों से संतुष्ट नहीं हुई जिसके चलते अब डीसी बिलासपुर व एसडीएम बिलासपुर को सोमवार को व्यक्तिगत तौर पर हाजिर रहने के आदेश दिए गए हैं।
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कुछ अवैध कब्जों का मामला कोर्ट नहीं पहुंचा
जिले में ऐसे भी कुछ अवैध कब्जे हैं जिनका मामला कोर्ट में नहीं पहुंचा है लेकिन अब प्रशासन उन लोगों के कब्जों की सूची भी तैयार कर रहा है जिन्होंने पूरे के पूरे मकान सरकारी जमीन में बना रखे हैं। जल्द ही इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर आगामी कार्रवाई अमल में लाने की तैयारी चल रही है।