- मंत्री धर्माणी ने क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के लिए कार्यकर्ताओं से मांगे सुझाव
-बोले-समस्याओं का निदान करने के लिए किया जाएगा कार्य शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। लोकसभा चुनावों में मिली हार को लेकर घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने आत्ममंथन किया। इसके लिए वीरवार को घुमारवीं के एक निजी होटल में ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने की। इस दौरान सभी बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के लिए कार्यकर्ताओं को सुझाव देने के साथ उनसे सुझाव भी लिए गए। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी में चल रही कमियों को उजागर किया। साथ ही कार्यकर्ताओं ने भी संगठन में चल रही समस्याओं को ब्लॉक कांग्रेस के समक्ष रखा। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन समस्याओं का निदान करने के लिए आगामी दिनों में कार्य शुरू किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब वक्त आ गया है कि हम इस बात को लेकर सोच विचार करें कि क्या कमी रह गई है, जिसकी वजह से कांग्रेस को चारों लोकसभा सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता का फर्ज है कि इस पर आत्ममंथन करे और जो भी कमियां इन चुनावों में रह गई हैं उन्हें पूरा करने का कार्य करें। कहा कि बिना कार्यकर्ताओं के कोई भी पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती है। हर पार्टी की रीढ़ उसके कार्यकर्ता होते हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं का यह फर्ज है कि वह प्रदेश सरकार की नीतियों को घर-घर जाकर लोगों तक पहुंचाए।
उन्होंने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में हो रहे करोड़ों रुपये के विकास कार्यों पर भी चर्चा की। उन्हें बताया कि वह इन कार्यों को आम जनता तक पहुंचाएं। साथ ही इस बात का भी कार्यकर्ता ध्यान रखें कि कोई भी जरूरतमंद सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। इसलिए हर बूथ लेवल पर यह कार्यकर्ता का फर्ज रहेगा कि वह घर-घर जाकर जरूरतमंद तक प्रदेश सरकार की नीतियों और योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सरकार की मदद करें। उन्होंने पूरे विधानसभा क्षेत्र में जिन भी बूथों पर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को लीड मिली है उन सभी बूथों के तहत आने वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक बूथ को 10 लाख रुपये की राशि प्रदान की बात कही।