केंद्र सरकार के 500 और एक हजार के नोट बंदी के 16 दिन बाद भी लोगों को आ रही समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने वीरवार को बिलासपुर के शहीदी स्मारक के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
इसके साथ ही उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर फैसले की कड़ी निंदा की गई। कांग्रेस का कहना है कि 500 और एक हजार रुपये की नोटबंदी से आम जनता को भारी असुविधा हो रही है।
विरोध में बिलासपुर कांग्रेस पार्टी ने जिलाध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीदी स्मारक पर एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन किया और एनडीए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन में विधायक बंबर ठाकुर भी मौजूद रहे।
सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने 500 और एक हजार रुपये के नोट बंद करके आम जनता को परेशानी में डाल दिया है। इस कारण वीरवार को नागरिक असुविधा के विरोध में प्रदर्शन किया गया है। प्
रधानमंत्री ने जल्दबाजी और बिना तैयारी से ऐसा निर्णय लिया है, जिससे देश के करोड़ों लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। समाज के हर वर्ग और क्षेत्र में इसका असर पड़ा है। नोटबंदी का निर्णय लेने से पहले पहले कोई तैयारी नहीं की गई थी और न ही जनता से कोई सुझाव नहीं लिए गए।
सरकार को चाहिए था कि इस तरह के फैसले से पूर्व पर्याप्त मात्रा में नोटों की छपाई करें, बैंकों को तैयार करें और नए नोटों को बैंकों तक पहुंचाने सहित एटीएम को दुरुस्त करने जैसा कुछ भी नहीं किया, बल्कि नोटबंदी का फैसला जनता पर थोप दिया गया।
मोदी सरकार ने काले धन पर रोक लगाने के लिए नोटबंदी के इस फैसले से पांच प्रतिशत लोगों को निशाना बनाने के लिए बाकि 95 प्रतिशत आम जनता को परेशानी में डाल दिया है।
लोगों को अपने ही पैसे निकालने के लिए बैंकों में जनता को घंटों कतारों में खड़े रहना पड़ रहा है। इस अवसर पर प्रधान जिला कांग्रेस कमेटी कमलेंद्र कश्यप, गुरदास सिंह सुमन, शहरी अध्यक्ष राज कुमार टाडू, खंड सदर अध्यक्ष तेजस्वी शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. बाबू राम गौतम, उपाध्यक्ष राजेंद्र पाल ठाकुर, जिला कांग्रेस प्रवक्ता संदीप सांख्यान, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष हुसैन अली, नप अध्यक्ष सोमा देवी, जिप सदस्य सावित्री गौतम, पवन कौशल और शशि बाला मौजूद रहे।