-विधानसभा में विधायक बोले, प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के सपने देखना फिजूल
- खुद को झूठी तसल्ली देने के बजाय सरकार प्रदेश हित में गंभीरता से काम करे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने बजट को लेकर प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए बजट में पैसे का अधिक प्रावधान करने के बजाय उसमें कटौती कर दी गई है।
विधानसभा में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए जीतराम कटवाल ने कहा कि आय-व्यय में ही करीब 3100 करोड़ रुपये का अंतर है। व्यवस्था में इस तरह के परिवर्तन से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के सपने देखना फिजूल है। बेहतर होगा कि अपनी पीठ थपथपा कर खुद को झूठी तसल्ली देने के बजाय सरकार प्रदेश हित में गंभीरता से काम करे। वरना 2 साल बाद उसके पास बोलने को भी कुछ नहीं बचेगा। बजट में हर साल वृद्धि होती है, लेकिन कांग्रेस सरकार का अनुमानित बजट पिछले साल की तुलना में कम है। इस पर्वतीय राज्य के विकास में पावर सेक्टर की अहम भूमिका है, लेकिन सरकार ने इस तथ्य को नजरअंदाज करते हुए ऊर्जा क्षेत्र का बजट लगभग 50 फीसदी कम कर दिया। वर्तमान में केवल 10.6 मेगावाट पर काम हो रहा है। यह पावर सेक्टर के डूबने जैसा ही है। सरकार ने 500 मेगावाट सोलर बिजली पैदा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अभी तक मुश्किल से 50-60 मेगावाट पर ही काम हो रहा है। पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं में लगातार विस्तार बेहद जरूरी है, लेकिन सरकार ने जनता से सीधे तौर पर जुड़े हर क्षेत्र में बजट पर कैंची चला दी है। प्रदेश सरकार को केंद्र से सीख लेनी चाहिए। केंद्र सरकार के लगातार प्रयासों से भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। केंद्र सरकार ने हर घर में नल के माध्यम से जल पहुंचाया है। महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर उन्हें चूल्हे के धुएं से निजात दिलाई गई है। किसानों को नियमित रूप से किसान सम्मान निधि दी जा रही है। 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना से सभी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है। इसके विपरीत प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपनी गारंटियां पूरी करने के बजाय बहाने बनाकर अपने वादों से मुकर रही है।