किराया बढ़ोतरी और नई कार्यकारिणी को लेकर आमने-सामने आए दोनों पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर जिला ट्रक परिवहन सहकारी सभा में नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। कार्यकारिणी गठन को लेकर दो गुटों के बीच चल रही खींचतान के बीच 4 जून को बुलाई गई बैठक ने विवाद को और हवा दे दी है।
सभा के एक पक्ष की ओर से 4 जून को सुबह 11 बजे बरमाणा स्थित मुख्य कार्यालय में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। सचिव की ओर से जारी पत्र के माध्यम से सभी सदस्यों को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। बैठक के एजेंडे में पांच वर्षों बाद प्रस्तावित ढुलाई किराया बढ़ोतरी पर चर्चा, विभिन्न सब-कमेटियों का गठन और अन्य प्रशासनिक विषय शामिल किए गए हैं।
वहीं, दूसरे गुट ने इस बैठक का विरोध करने का ऐलान किया है। विरोधी पक्ष का कहना है कि बैठक बुलाने का कोई औचित्य नहीं है और इसके माध्यम से अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका दावा है कि बैठक में उठाए जाने वाले अधिकांश मुद्दों पर पहले ही सभा स्तर पर निर्णय लिए जा चुके हैं, इसलिए दोबारा चर्चा की आवश्यकता नहीं है। विरोधी पक्ष के प्रतिनिधि बालक राम कपिल और नीलम चंदेल ने कहा कि ट्रांसपोर्ट कारोबार में बढ़ती लागत को देखते हुए हर पांच साल में ढुलाई किराए में वृद्धि की प्रक्रिया अपनाई जाती है। ट्रकों के पुर्जों, लुब्रिकेंट, बीमा, पासिंग शुल्क, डीजल और अन्य खर्चों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह हाइक जरूरी हो जाती है। उन्होंने बताया कि किराया वृद्धि को लेकर पूर्व में कई दौर की बैठकों में चर्चा हो चुकी है और कंपनी के साथ भी सहमति बन गई थी। केवल अंतिम समझौता (एग्रीमेंट) होना शेष था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हर बार किराया बढ़ोतरी के समय विरोध का रास्ता अपनाकर प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। ऐसे विरोध के कारण अतीत में भी ऑपरेटरों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया और किराया वृद्धि कम होने से ट्रक मालिकों को नुकसान उठाना पड़ा।