- झील पार से मुख्यालय आने वाले लोगों को दलदल की परेशानी से मिलेगा छुटकारा
- झील की सैर करने आने वाले पर्यटकों को भी होगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील किनारे लुहणू घाट पर जेटी (घाट तक जाने का रास्ता) का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। करीब 200 मीटर लंबी कंक्रीट की इस जेटी का निर्माण 1.80 करोड़ रुपये से किया जा रहा है।
जेटी का निर्माण होने के बाद झील के उस पार से मुख्यालय आने वाले लोगों की जलस्तर कम होने पर दलदल से होकर गुजरने की समस्या खत्म हो जाएगी। इसके अलावा झील में बोट के माध्यम से सैर करने वाले लोगों और पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलेगा। निर्माण कर रही कंपनी की मशीनरी लुहणू घाट पर पहुंच गई है। जेटी के निर्माण के लिए निशानदेही भी कर दी गई है। जेटी लुहणू घाट से लेकर झील के जलस्तर के सबसे निचले बिंदु तक बनाई जाएगी। करीब तीन साल पहले जेटी के निर्माण की कवायद हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन ने शुरू की थी। इसका निर्माण विश्व बैंक की फंडिंग से किया जा रहा है। जेटी के दोनों और रेलिंग और लाइट रेलिंग भी लगाई जाएंगी।
बता दें कि गोबिंद सागर झील का जलस्तर फरवरी से लेकर सितंबर तक कम रहता है। जलस्तर कम होने से दलदल(स्लिट) बाहर निकल जाती है। झील के उस पर उपमंडल झंडूता और घुमारवीं आठ पंचायतों के सैंकड़ों लोग, स्कूली बच्चे रोजाना मोटर बोट के माध्यम से मुख्यालय पहुंचते हैं। जब जलस्तर कम होता है तो दलदल के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों के कपड़े, जूते आदि गंदे हो जाते हैं। कई बार तो लोग दलदल में फंस तक जाते हैं। इसके अलावा मोटर बोट संचालकों को भी बोट को किनारे लगाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जेटी के निर्माण के इन सब लोगों की यह समस्या खत्म हो जाएगी।