कानून व्यवस्था,श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जिला दंडाधिकारी ने जारी किए आदेश
25 जुलाई से 3 अगस्त तक रहेंगे प्रभावी, केवल कंट्रोल रूम से होगी सार्वजनिक घोषणा
-मंदिर में श्रद्धालुओं को नारियल और बांस की टोकरी ले जाना भी वर्जित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। श्रावण अष्टमी मेले के दौरान श्री नयना देवी जी मंदिर में आने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कानून व्यवस्था की दृष्टि से जिला प्रशासन ने सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। 25 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक मंदिर परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इस दौरान श्री नयना देवी मंदिर परिसर में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे सहित किसी भी प्रकार के ध्वनि यंत्रों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी प्रकार का सार्वजनिक संदेश अथवा उद्घोषणा देनी आवश्यक होगी तो वह केवल कंट्रोल रूम के माध्यम से ही प्रसारित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मेला अवधि में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को नारियल चढ़ाने, प्रसाद ले जाने के लिए बांस की टोकरी का प्रयोग करने पर भी पूरी रूप से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं मंदिर क्षेत्र की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों और नियमों का पालन करें। मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण, अनुशासित और भक्ति पूर्ण वातावरण बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन ने साफ किया है कि उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 25 जुलाई 2025 से 3 अगस्त 2025 तक प्रभावी रहेंगे।