डिग्री कॉलेज बिलासपुर में छात्रा की ओर से शिक्षक पर लगाए गए छेड़छाड़ के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। छात्रा ने अपने लिखित बयान में कहा कि प्राध्यापक के साथ गलतफहमी थी जो दूर हो चुकी है। छात्रा ने कॉलेज के दो अन्य प्राध्यापकों पर संगीन आरोप लगाए हैं कि उक्त लोगों उसे घर बुलाकर शिकायत पत्र लिखवाया था।
छात्रा ने स्पष्ट किया कि उसने कोई भी लिखित शिकायत अपने साथ बदतमीजी होने की कॉलेज प्रशासन को नहीं दी है। छात्रा ने कहा कि कॉलेज के ही इन दोनों प्राध्यापकों ने एक सोची समझी चाल के तहत उपरोक्त प्राध्यापक को फंसाया है। छात्रा ने इस जांच को बंद करने की मांग की है।
जांच कमेटी के पास छात्रा द्वारा लिखित बयान देने के बाद इस मामले के फिलहाल समाप्त होने के आसार हैं। जबकि कॉलेज प्रशासन का दावा है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक इस मामले को लेकर कोई भी बयानबाजी नहीं की जा सकती।
जानकारी के अनुसार कॉलेज की ओर से गठित जांच कमेटी ने इस मामले में छात्रा के बयान दर्ज कर लिए हैं। करीब 30 अन्य छात्राओं के बयान भी लिए गए हैं। बिलासपुर कॉलेज की एनएसयूआई इकाई आरोपी प्राध्यापक के पक्ष में खड़ी हो गई।
इस मामले को लेकर एनएसयूआई बिलासपुर कॉलेज की एक बैठक कैंपस अध्यक्ष अक्षय ठाकुर व महासचिव नरेंद्र की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कैंपस अध्यक्ष अंकुश ठाकुर ने बताया कि कॉलेज के ही कुछ प्राध्यापकों द्वारा षड्यंत्र रचकर कॉलेज को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उक्त प्राध्यापक भी कॉलेज के ही कुछ प्राध्यापकों की साजिश का शिकार हुआ है, लेकिन छात्रा के लिखित बयान के बाद स्थिति साफ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन्हीं प्राध्यापकों के उकसाने पर छात्रा ने शिकायत पत्र लिखा था, लेकिन बाद में जब छात्रा को पता लगा कि उसका नाम लेकर किसी प्राध्यापक को फंसाया जा रहा है तो छात्रा ने लिखित बयान देकर स्थिति को साफ कर दिया है।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई इस साजिश की कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा कि एक छात्र संगठन ने भी इस मामले को हवा देने के लिए इन प्राध्यापकों का साथ दिया है जोकि बहुत ही शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य के रिश्ते को बदनाम करने वाली इस साजिश को रचने वाले प्राध्यापकों के विरुद्ध मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से शिकायत की जाएगी।
इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश भारद्वाज ने बताया कि वह आज कॉलेज से बाहर हैं तथा इस मामले की जांच कर रही कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही कोई टिप्पणी कर सकता हूं।