फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मजिस्ट्रेट जांच शुरू होने पर अधिवक्ताओं का आंदोलन समाप्त

विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर। वरिष्ठ अधिवक्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच को लेकर वकीलों की ओर से शुरू किया गया आंदोलन मजिस्ट्रेट जांच के आदेश के बाद रविवार को समाप्त हो गया। बार एसोसिएशन बिलासपुर के सदस्यों ने सभा स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समापन किया। सरकार ने जांच के लिए एडीएम शिमला विनय धीमान की तैनाती कर दी है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल का आभार जताया है।
विज्ञापन

बता दें कि बार एसोसिएशन बिलासपुर को घुमारवीं बार एसोसिएशन, हमीरपुर और मंडी सहित 26 एसोसिएशनों के अलावा अन्य सामाजिक संस्थाओं का भरपूर सहयोग मिला। 12 दिन तक चले इस आंदोलन में अन्य लोगों ने भी भाग लिया। शिमला में शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल मिला। मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच करवाने के आदेश दिए हैं। वहीं, सरकार की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि यदि आवश्यकता हुई तो इसकी न्यायिक जांच भी करवाई जाएगी।
बार एसोसिएशन बिलासपुर के वरिष्ठ सदस्य अधिवक्ता राजेंद्र हांडा की आईजीएमसी शिमला के कोविड सेंटर में तीन अक्तूबर को संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। कोविड केयर सेंटर में मौत होने पर उनके पुत्र अधिवक्ता विपुल हांडा ने कोविड केयर सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसके चलते बार एसोसिएशन ने आंदोलन शुरू किया था। स्वर्गीय राजेंद्र हांडा के परिजनों ने आरोप लगाए थे कि उनके चेहरे पर चोटों के निशान पाए गए थे। इसके अलावा उनका मोबाइल भी गायब हो गया था। इस दौरान संघर्ष समिति के चेयरमैन डीआर शर्मा, समिति संयोजक अधिवक्ता तेजस्वी शर्मा, अधिवक्ता एवं स्वर्गीय राजेंद्र हांडा के पुत्र विपुल हांडा, पूर्व विधायक एवं अधिवक्ता केके कौशल, भगत सिंह वर्मा, प्रवेश चंदेल, तुषार डोगरा, आदित्य मोहन कश्यप, घुमारवीं बार एसोसिएशन के प्रधान संजय शर्मा, अधिवक्ता चमन ठाकुर, अधिवक्ता डोलमा चंदेल, अश्वनी, राजेश भारद्वाज, रोशन लाल ठाकुर, किरण, बनीता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें