बरठीं (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत बल्हसीणा में प्रधान पद की सीट को आरक्षित न किए जाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। इसके लिए गांव का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर से मिला। सामान्य श्रेणी के मतदाताओं ने उपायुक्त से ग्राम पंचायत बल्हसीणा की प्रधान पद सीट सामान्य श्रेणी के पुरुषों के लिए आरक्षित करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के समक्ष मांग रखी कि बल्हसीणा पंचायत में प्रधान की सीट को सामान्य श्रेणी पुरुष वर्ग के लिए रिजर्व घोषित किया जाए। कैप्टन तरसेम सिंह चंदेल की अध्यक्षता में करीब तीन दर्जन लोग उपायुक्त से मिले। बताया कि ग्राम पंचायत बल्हसीणा साल 2000 में अस्तित्व में आई। उस समय प्रधान पद सभी श्रेणियाें के पुरुष वर्ग के लिए ओपन था। उस समय एससी उम्मीदवार निर्वाचित हुआ। पिछले तीन चुनाव में प्रधान सीट रिजर्व रही है। 2005 से 2015 तक के चुनाव में एससी महिला निर्वाचित हुई। 2000 के पंचायत चुनाव में प्रधान पद की सीट सभी श्रेणियों के पुरुषों के लिए खुली थी। लेकिन जनरल श्रेणी का उम्मीदवार सफल नहीं हो सका था। इसका कारण पंचायत में सामान्य श्रेणी के मतदाता कम होना है।
बल्हसीणा पंचायत में 35 से 37 प्रतिशत मतदाता जनरल श्रेणी, 48 से 50 प्रतिशत मतदाता एससी श्रेणी और 14 प्रतिशत मतदाता ओबीसी श्रेणी के हैं। सभी श्रेणियों के लिए ओपन सीट की स्थिति में जनरल श्रेणी के उम्मीदवार के जीतने की संभावना बहुत कम है। 2015 में सभी श्रेणियों की महिलाओं के लिए सीट खुली थी और तब भी एससी महिला ही निर्वाचित हुई। इसके कारण सामान्य वर्ग में असंतोष है। प्रतिनिधिमंडल ने चेताया कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो इस व्यवस्था के खिलाफ एक आंदोलन किया जाएगा। पंचायत चुनावों का बहिष्कार भी कर सकते हैं। ग्राम पंचायत बल्हसीणा के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कैप्टन तरसेम सिंह चंदेल के नेतृत्व में उपायुक्त से मिला और उनको जिलाधीश बिलासपुर के रूप में पदभार ग्रहण करने पर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर सुखदेव सिंह मिन्हास, बलबीर सिंह सेन, बख्तावर सिंह राणौत, कैप्टन जोगिंद्र सिंह सेन, रामपाल शर्मा, राजेंद्र सिंह सेन शामिल रहे।