बिलासपुर। एसीसी माइनिंग विस्थापितों की बैठक बीडीसी सदस्य भुवनेश गौतम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में रोष व्यक्त किया गया कि पिछले 2 महीनों में एसीसी की ओर से अवैज्ञानिक तरीके से की गई ब्लास्टिंग के कारण चट्टानें कुनणु गांव में जा गिरीं। इसको लेकर जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गौतम ने कहा कि एसीसी सीमेंट कंपनी रात-दिन अवैज्ञानिक तरीके से ब्लास्टिंग व खनन का कार्य कर रही है। इसके कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। जनमंच में भी ब्लास्टिंग के कारण मकानों में आईं दरारें, ध्वनि प्रदूषण व अन्य समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन परिणाम शून्य रहा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जो भूमि अधिग्रहण योग्य है उसे कंपनी ने अधिगृहित नहीं किया है। 15 दिन में प्रशासन ने अधिग्रहण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
गौतम ने कहा कि ब्लास्टिंग से कुनणु, धौन कोठी, बलोह और बरयाही के ग्रामीणों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए ग्रामीण सरकार और प्रशासन से कई वर्षों से समाधान की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन माइनिंग क्षेत्र के साथ लगते सभी गांवों के पक्ष में रिपोर्ट बनने के बाद भी इसका अधिग्रहण नहीं किया जा रहा है। वहीं कंपनी ने रात को भी खनन का कार्य शुरू कर दिया है। इससे लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
बैठक में वार्ड सदस्य सुनील गौतम, युवक मंडल कुनणु प्रधान शम्मी शर्मा, महिला मंडल प्रधान विमला गौतम, शिव कुमार, शशिपाल, विवेक गौतम, कांता देवी, सावित्री देवी, मीना देवी, अर्चना देवी व अन्य उपस्थित रहे।