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फतेहपुर जंगल से सड़क निकलने से लाखों की वन संपदा होगी तबाह

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स्वारघाट (बिलासपुर)। जिला परिषद बिलासपुर के पूर्व उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता होशियार सिंह ठाकुर की अगुवाई में गांव धनस्वाई के ग्रामीणों ने रेलवे भू-अर्जन अधिकारी एवं एसडीएम सदर बिलासपुर और डीएफओ बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने धनस्वाई गांव के पास प्रस्तावित भानुपल्ली-बैरी रेलवे लाइन के टनल, पुल और डंपिंग साइट के लिए गांव की ही 25 साल पुरानी सड़क को प्रयोग करने की मांग की है।
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लोगों का कहना है कि रेलवे विभाग फतेहपुर जंगल से नई सड़क निकालना चाहता है। इससे लाखों की वन संपदा तबाह होगी। वहीं ग्रामीणों ने विभाग को चेताया है कि अगर उनकी मांग को नहीं माना गया तो उन्हें मजबूरन कानून का सहारा लेना पड़ेगा। धनस्वाई के ग्रामीणों गजन सिंह, बालक राम, बलविंद्र, बालमुकंद, विनोद का कहना है कि फतेहपुर जंगल से रेलवे विभाग नई सड़क बनाने की प्लानिंग कर रहा है। जंगल में 2017-18 में वन विभाग ने 10 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया है और इस प्रस्तावित सड़क में चीड़ व अन्य प्रजातियों के सैकड़ों पेड़ काटे जाने की संभावना है।
धनस्वाई के ग्रामीण चाहते हैं कि जो सड़क गांव धनस्वाई के लिए करीब 25 साल पहले बनी हुई है, उसी सड़क को रेलवे विभाग चौड़ा व रिपेयर करके डंपिंग साइट व टनल बनाने के लिए प्रयोग करे। इससे लाखों की वन संपदा बचाई जा सकती है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि धनस्वाई गांव की संपर्क सड़क में किसी भी व्यक्ति की मलकियत भूमि नहीं आती है। इससे रेलवे विभाग को किसी व्यक्ति को मुआवजा भी नहीं देना पड़ेगा। ग्रामीणों ने डीएफओ बिलासपुर से आग्रह किया है कि ग्राम धनस्वाई में प्रस्तावित रेलवे के लिए फतेहपुर जंगल से सड़क निकालने की एनओसी नहीं दी जाए। अगर विभाग एनओसी जारी करेगा तो ग्रामीण न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होंगे।
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