घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश सरकार की पशुपालन को बढ़ावा देने की योजना में भी गोलमाल सामने आ रहा है। सरकार पशुपालकों को बकरियां पालने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। लेकिन जिले में बीटल के नाम पर सिरोही नस्ल की बकरियां पहुंचाई गईं जिन्हें पशुपालकों ने लेने से इनकार कर दिया है।
घुमारवीं सब डिवीजन में 15 पशु अस्पताल हैं। इनके माध्यम से पशुपालकों को बकरियां बांटी जानी हैं। किसान जो बीपीएल व एपीएल से संबंधित है उनको बकरियां 60 प्रतिशत अनुदान पर दी जानी हैं। घुमारवीं सब डिवीजन में जो किसान एपीएल से संबंध रखते हैं उनको 68 बकरियां वितरित की जानी हैं। आबीपीएल के 660 पशुपालकों को बांटने का कार्यक्रम है। घुमारवीं सब डिवीजन में एपीएल परिवारों को बकरियां लेने के लिए बुलाया गया। बीटल के स्थान पर सिरोही प्रजाति की बकरियां दी जाने लगीं तो पशुपालकों ने इसका विरोध किया और बकरियां ले जाने से मना कर दिया। किसानों राज गोपाल, मनोज कुमार, सुमन देवी, राजेंद्र नड्डा, ठाकुर दास, हेमराज, पवन कुमार, रत्न लाल, संतोखा राम आदि ने बताया कि संबंधित विभाग को पहले ही बकरियों का निरीक्षण कर लेना चाहिए था। सिरोही प्रजाति की बकरियों को लेना किसान उचित नहीं समझ रहे हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है कि ठेकेदार का टेंडर रद्द होना चाहिए।
सब डिवीजन घुमारवीं के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि किसानों को बीटल प्रजाति की बकरियां आवंटित करने के लिए टेंडर प्रदेश सरकार ने राजस्थान के ठेकेदार को दिया था। सब डिवीजन के किसानों को बुलाया गया था। ठेकेदार जो बकरियां लेकर आया था इनमें दो बीटल और बाकी सिरोही प्रजाति की थीं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। ठेकेदार को कहा गया है कि बीटल प्रजाति की बकरियां लेकर लाए।