गंभीर रूप से बीमार नवजात और बच्चों को अब यहीं मिलेगी बेहतर ऑक्सीजन सुविधा
खरीद प्रक्रिया से पहले संस्थान ने मांगी आपत्तियां, पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगा मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में गंभीर रूप से बीमार नवजात और बच्चों के उपचार के लिए अत्याधुनिक श्वसन सहायता मशीन उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है। इस नई सुविधा के शुरू होने से उन मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा, उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है या जिन्हें अधिक मात्रा में नियंत्रित ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
संस्थान के बाल रोग विभाग ने इस विशेष मशीन की मांग की है, जिसके माध्यम से बच्चों को गर्म और नमीयुक्त ऑक्सीजन निरंतर प्रवाह के साथ दी जा सकेगी। यह तकनीक बच्चों के फेफड़ों पर दबाव कम करती है और उन्हें सहज रूप से सांस लेने में मदद करती है। कई मामलों में यह मशीन बच्चों को कृत्रिम श्वसन यंत्र पर जाने से भी बचा सकती है, जिससे उपचार और अधिक सुरक्षित तथा सरल बनता है।
एम्स प्रशासन के अनुसार, इस मशीन को एक विशेष कंपनी द्वारा निर्मित बताया गया है और इसे विशेष आधार पर खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है। कंपनी द्वारा इसके लिए आवश्यक प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया गया है, जिसे संस्थान ने सार्वजनिक कर दिया है। पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से संस्थान ने इस प्रस्ताव को सार्वजनिक करते हुए अन्य संबंधित संस्थाओं और कंपनियों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। यदि किसी को इस मशीन की विशेषता को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह निर्धारित समय के भीतर अपनी बात रख सकता है। तय समय सीमा के बाद यदि कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया जाएगा। इस पहल से न केवल बिलासपुर बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। अब गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े अस्पतालों में ले जाने की आवश्यकता कम होगी। समय पर उपचार मिलने से बच्चों की जान बचाने की संभावना भी बढ़ेगी और परिजनों को आर्थिक तथा मानसिक राहत मिलेगी।