मौसम के बदलते मिजाज और दूषित पानी की वजह से जिला में नौनिहाल वायरल फीवर और टायफाइड की चपेट में आ रहे हैं। हालत यह है कि अस्पताल में एक बेड पर दो-दो बच्चों का उपचार चल रहा है। ऐसे में जहां बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है तो वहीं मरीजों और उनके तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वायरल फीवर के बढ़ते मामलों की वजह से जिला अस्पताल में अचानक ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी इस तरह मामले सामने आ रहे हैं। वर्तमान में जिला अस्पताल में ओपीडी की में मरीजों की संख्या 120 तक पहुंच चुकी है। चिकित्सकों के अनुसार सर्दियों की दस्तक के साथ ही बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें। वहीं पानी को भी उबालकर पीएं।
जिला अस्पताल से दो दिन पूर्व ही दो चिकित्सक इस्तीफा दे चुके हैं। ऐेसे में पहले ही अस्पताल में डॉक्टरों की कमी चल रही है। ऐसे में मरीजों की संख्या में इजाफा होने से समस्या और गंभीर हो गई है।
अस्पताल में पहले ही लापरवाही के कारण एक बच्चे और गर्भ में एक शिशु की मौत हो चुकी है। डॉ. सतीश ने बताया कि अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर और टायफाइड के मामले अधिक आ रहे हैं। इस वजह से एक बेड पर दो बच्चों को मजबूरी में भर्ती किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि हर रोज 100 से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार के लिए आ रहे हैं।