28 अक्तूबर को नए भवन में होगा स्थानांतरण, अब तक किराये के चार कमरों में चल रहा था कार्यालय
322 आंगनबाड़ी केंद्रों का कामकाज होगा सुचारू
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं में बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय को 36 वर्ष बाद अपना सरकारी भवन मिलने जा रहा है। वर्ष 1990 में शुरू हुआ यह कार्यालय अब तक किराये के भवन में संचालित हो रहा था। चार छोटे कमरों में चल रहे कार्यालय को 28 अक्तूबर को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए एसडीएम कार्यालय के सामने बने भवन की बीच वाली मंजिल में जगह उपलब्ध करवाई गई है।
सीमित जगह के कारण कार्यालय के कर्मचारियों को लंबे समय से कामकाज निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, सरकार की ओर से बच्चों के लिए उपलब्ध करवाए जाने वाले पोषाहार को रखने के लिए भी पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था नहीं थी। हर महीने आने वाले पोषाहार को आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने के लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ती थी।
बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय घुमारवीं के अधीन 322 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनके माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाता है। इन केंद्रों में 322 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और इतनी ही सहायिकाएं सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा परियोजना के तहत 14 पर्यवेक्षक और कार्यालय में सात कर्मचारी कार्यरत हैं।
इतने बड़े कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाले कार्यालय का चार छोटे कमरों में संचालित होना परेशानी का कारण बना हुआ था। अब नए भवन में स्थानांतरण होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा। साथ ही विभागीय गतिविधियों और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े कामकाज को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सुविधा होगी।
कोट
कार्यालय के लिए लंबे समय से पर्याप्त जगह उपलब्ध करवाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसके अधीन सैकड़ों आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं और बड़े स्तर पर कामकाज होता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नवनिर्मित भवन की एक मंजिल में जगह उपलब्ध करवाई गई है, ताकि विभागीय कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
-राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, हिमाचल सरकार