कुप्रबंधन और फिजूलखर्ची से प्रदेश में बढ़ रहा आर्थिक संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सुक्खू सरकार के कुप्रबंधन और फिजूलखर्ची से प्रदेश आर्थिक संकट के दौर में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री का सार्वजनिक बयान कि प्रदेश सरकार के खजाने में मात्र 23 करोड़ ही बचे हैं, इस बात की पुष्टि करता है कि कांग्रेस सरकार के एक वर्ष में प्रदेश आर्थिक संकट में पहुंच गया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा कि चुनाव में दी गई झूठी गारंटी अब सरकार के गले की फांस बन गई है। प्रदेश के विकास व कल्याण में लगाए जाने वाले साधनों का उपयोग अपनी साख बनाए रखने के लिए मजबूर दिख रही है। कहा कि व्यवस्था परिवर्तन और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की झूठी बातें करके जनता को गुमराह किया जा रहा है, जबकि प्रदेश में विकास पूरी तरह से रुक गया है। केंद्र सरकार से मिल रहे धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस के संगठन और सरकार में वर्चस्व की जंग अब सड़कों पर दिखने लगी है। इसके कारण प्रदेश का विकास ठप है। धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा शराबी व हुड़दंग मचाने वाले पर्यटकों को लेकर दिया बयान चिंताजनक है। इससे प्रदेश में नशा करने वालों और हुड़दंग मचाने वाले असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ेंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ेगी। कहा कि एक साल में प्रदेश की कानून व्यवस्था, र सरकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर और नियंत्रण से बाहर हो रही है। इससे प्रदेश की जनता चिंतित और परेशान है।