श्री नयना देवी में माथा टेकने के लिए लगी श्रद्धालुओं की भीड़।
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श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में 13 अप्रैल से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रों को लेकर जिला दंडाधिकारी रोहित जम्वाल ने आदेश जारी किए हैं। चैत्र नवरात्रों में श्री नयनादेवी में लाउड स्पीकर, ढोल-नगाडे़ और बैंडबाजे आदि के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर में हलवा, नारियल, प्रसाद चढ़ाने और बांस की टोकरी का प्रयोग करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि टोबा से श्री नयनादेवी जी सड़क पर केवल बसों और छोटे वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति होगी। ट्रक, कैंटर, ट्रैक्टर और टैंपो आदि पर टोबा से श्री नयना देवी की तरफ आने-जाने में प्रतिबंध रहेगा। जो ट्रक, ट्रैक्टर और टैंपो सवारियों से लदे होंगे उन्हें हिमाचल प्रदेश की सीमा गड़ामोड़ा, ग्वालथाई (भाखड़ा) और टोबा से आगे श्री नयना देवी जी मंदिर की तरफ आने नहीं दिया जाएगा। इन स्थानों से श्रद्धालु केवल बसों और टैक्सियों (यात्री वाहन) में ही श्री नयना देवी जी आ सकेंगे। उन्होंने बताया कि 13 से 22 अप्रैल तक अस्त्र-शस्त्र, गोला बारूद, दूर से मार करने वाले हथियार और तेजधार हथियार लाने व ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश भारतीय सेना बल, राज्य पुलिस बल और अन्य शस्त्र सेना/पुलिस बल के कर्मचारियों व अधिकारियों पर लागू नहीं होंगे। चैत्र नवरात्र के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आदेशक, गृहरक्षा, पांचवीं वाहिनी बिलासपुर को आदेश दिए गए हैं कि 120 गृह रक्षकों (महिला गृह रक्षकों सहित) की सेवाएं पुलिस मेला अधिकारी, श्री नयनादेवी जी को उपलब्ध करवाएं। चैत्र नवरात्रों में तैनात गृह रक्षकों के वेतन व भत्तों की अदायगी मंदिर न्याय श्री नयनादेवी जी की ओर से की जाएगी। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए नायब तहसीलदार उप तहसील कलोल रमेश धीमान, नायब तहसीलदार उपतहसील मुरारी लाल, नायब तहसीलदार व कार्यालय मुख्य अरण्यपाल प्यारे लाल शर्मा और नायब तहसीलदार बंदोबस्त भू-व्यवस्था घुमारवीं कृष्ण लाल को 13 से 22 अप्रैल तक की अवधि के दौरान कार्यपालक दंडाधिकारी/सेक्टर अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया है।