बिलासपुर। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में 13 से 22 अप्रैल तक चैत्र नवरात्र मनाए जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं को कोविड-19 के दिशा-निर्देशों और एसओपी की अनुपालना करनी होगी। बिना मास्क कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं मिलेगी। श्रद्धालुओं के एक जगह पर एकत्रित होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उचित दूरी की अनुपालना करनी होगी।
उपायुक्त रोहित जम्वाल ने बताया कि श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्रचार-प्रसार सामग्री और जागरूकता पोस्टर लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं को हर सुविधा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता आदि उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास प्रयास करेगा। नवरात्रों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र को 9 भागों में विभाजित किया जाएगा। इनमें 5 सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
ड्रोन की मदद से श्रद्धालुओं पर नजर रखी जाएगी। कोई भी ट्रक, ट्रैक्टर और टैपों आदि सवारी लेकर श्री नयना देवी जी में नहीं आएगा। कैंची मोड़, टोबा और भाखड़ा में ही रोक दिया जाएगा। बिना रूट कोई भी बस या बड़ी गाड़ी घवाण्डल से नए बस अड्डे तक नहीं जाएगी। घवाण्डल चौक पर पार्किंग स्थल चिह्नित किए जाएंगे। ताकि यातायात में बाधा उत्पन्न न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5 स्थानों पर स्वास्थ्य सहायता कक्ष स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि चिकित्सा सहायता कक्षों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां एवं आक्सीजन सिलिंडर रखना सुनिश्चित करें।