जायका परियोजना बीज के रूप में करेगी हल्दी का इस्तेमाल
किसानों को हल्दी पहुंचानी होगी बिलासपुर, 90 रुपये प्रति किलोग्राम मिलेंगे दाम
गोपाल शर्मा
जुखाला(बिलासपुर)। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं को शुद्ध प्राकृतिक उत्पाद उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती से उगाई गई हल्दी की खरीद करेगी। जुखाला क्षेत्र सहित बिलासपुर जिले में किसानों की ओर से उत्पादित हल्दी को फरवरी के पहले पखवाड़े में 90 रुपये प्रति किलोग्राम के निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।
यह खरीद केवल उन्हीं किसानों से की जाएगी, जिन्होंने प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त किया है और जो सितारा पोर्टल पर पंजीकृत हैं। किसान अपनी प्राकृतिक खेती से उगाई गई हल्दी को आतमा परियोजना के माध्यम से बेच सकेंगे। आतमा परियोजना की ओर से यह हल्दी जायका परियोजना को उपलब्ध करवाई जाएगी। जिले में करीब 150 किसानों ने प्राकृतिक खेती से हल्दी की पैदावार की है। अनुमान है कि जायका परियोजना को लगभग 17,590 किलोग्राम हल्दी की आपूर्ति की जाएगी।
किसानों की और बेची जाने वाली हल्दी में नमी की मात्रा 40 प्रतिशत तक मान्य होगी और इसमें किसी भी प्रकार के रसायन या रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं होना चाहिए। जायका परियोजना इस हल्दी का उपयोग बीज के रूप में करेगी, जिसे भविष्य में किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को अपनी हल्दी बिलासपुर तक पहुंचानी होगी। इसके लिए खरीद केंद्र और खरीद की तिथि जायका परियोजना की ओर से निर्धारित की जाएगी।
आतमा परियोजना के उपनिदेशक रितेश गुप्ता ने बताया कि फरवरी में किसानों से हल्दी की खरीद की जाएगी। उधर, जायका परियोजना के ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर पवन कुमार कश्यप ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उगाई गई हल्दी की खरीद फरवरी के पहले पखवाड़े में की जाएगी। खरीद केंद्र सहित तिथि की घोषणा शीघ्र की जाएगी। संवाद