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जिले में लांग रूट पर 50 फीसदी से अधिक और लोकल रूट पर इक्का-दुक्का सवारियों के साथ दौड़ीं निगम की बसें

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बिलासपुर। जिले में कोरोना कर्फ्यू के 38 दिन बाद सोमवार को निगम की 60 रूटों पर बसें चलीं। सोमवार सुबह जाहू-चंडीगढ़ रूट पर गरामोड़ा तक 4 बजकर 20 मिनट पर पहली बस चली। इसके बाद बसें अपने-अपने रूट पर निर्धारित समय पर चलती रहीं। लांग रूट पर 50 फीसदी से अधिक और लोकल रूट पर इक्का-दुक्का सवारियों के साथ बसें दौड़ीं। ग्रामीण इलाकों को चलने वाले बसों को कम संख्या में ही सवारियां मिलीं। लांग रूट पर काफी संख्या में यात्रियों ने सफर किया।
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सोमवार को बस अड्डा बिलासपुर में काफी सवारियां बसों के इंतजार में बैठी दिखीं। कई लोग टिकट काउंटर पर लाइनों में खड़े रहे। कई रूटों पर बसों में काफी सवारियां थीं। वहीं कई बसों में 30 प्रतिशत सवारियों ने सफर किया। निगम के कर्मचारियों की ओर से बसों को सैनिटाइज किया जा रहा है। दोपहर 12 बजे बस अड्डा बिलासपुर में लोगों का काफी हुजूम देखा गया। जिला के लोकल रूटों पर बसों को चलाया गया। लेकिन ग्रामीण इलाकों की तरफ लोगों को बसों की नाममात्र सुविधा मिली। सोमवार को मंडी, शिमला और अन्य लांग रूटों की बसों में काफी संख्या में सवारियां देखी गईं। लोकल रूटों पर कई बसों में नाममात्र सवारियों ने सफर किया। सवारियों आसिफ और अनमोल ने बताया कि बसें चलने से काफी सुविधा हुई है। लोगों को कोरोना नियमों की पालना करना नहीं भूलना चाहिए। शाम के समय में बस अड्डा बिलासपुर में ज्यादा सवारियां नहीं थीं। शाम को बस अड्डा घुमारवीं से निगम का अंतिम रूट घुमारवीं-मारसिंघी वाया दाड़ी चलाया गया जिसमें भी काफी यात्री सवार रहे। आरएम केएल यादव ने बताया कि कोविड-19 गाइडलाइन के तहत बसें चलाई गईं। बसों को सैनिटाइज करने की भी पूरी व्यवस्था की गई है। बस अड्डा बिलासपुर में कुछ रूटों की बसों में सवार होने के लिए लोगों की भीड़ देखी गई। कई रूट जो शिमला व अन्य जिलों के लिए भेजे गए, उनमें परिवहन निगम 50 फीसदी सवारियों के नियम का पालन नहीं करवा पाया। बसों में काफी भीड़ रही। बस अड्डा बिलासपुर में सीट पाने के लिए सवारियों में जद्दोजहद लगी रही।
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