श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर की बस किराया पूरा लेने के बाद भी श्रद्धालुओं और यात्रियों को गंतव्य से 3 किलोमीटर पीछे ही उतार देती है। पिछले कई दिन से बिलासपुर से नंगल वाया श्री नयनादेवी होकर जाने वाली बस श्री नयनादेवी के मुख्य बस अड्डे पर नहीं जाती है।
श्रद्धालु और स्थानीय लोग इस बस में सफर करते हैं। उनसे किराया तो पूरा लिया जाता है। लेकिन उन्हें 3 किलोमीटर पीछे घवांडल चौक पर ही उतार दिया जाता है। वहां से टैक्सी करके श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। जब इस संदर्भ में बस कंडक्टर से बात की गई तो उसने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह तो कुछ ही दिन से इस रूट पर आ रहा है, उसे इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन जब चालक से पूछा गया तो उसने कहा कि कंडक्टर इसके बारे में बताएगा। सवारियों ने कहा कि उन्हें पैदल मुख्य बस अड्डा से घवांडल चौक तक बस पकड़ने के लिए पहुंचना पड़ता है। समय तो बर्बाद होता ही है साथ में किराया भी पूरा लिया जा रहा है।
मंदिर न्यास कर्मचारी कश्मीर सिंह का कहना है कि वह हर रोज ड्यूटी के लिए इसी बस में आते हैं। किराया पूरा लेने के बावजूद बस अड्डे तक नहीं जाती। लगभग 3 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है। कई बार चालक परिचालक से गुहार लगाई लेकिन उन्होंने मुख्य अड्डा जाने से मना कर दिया। आरएम बिलासपुर केएल यादव ने कहा कि कोरोना की वजह से बस अड्डे पर बस नहीं जा रही होगी, इस संबंध में चालक से बात करेंगे।