बिलासपुर। कोरोना की बजह से बंद पड़े सीमेंट कारखाना बरमाणा का कार्य करीब एक सप्ताह पहले सरकार के आदेशों से चालू कर दिया गया। उपरोक्त कारखाना के खदान क्षेत्र में भी खनन कार्य पूर्व की भांति जोरों से चल पड़ा है। वहीं शुक्रवार को कंपनी के खनन क्षेत्र में हुई भारी ब्लास्टिंग से पूरा क्षेत्र दहल गया।
एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सरकारी आदेशों के अनुसार केवल 30 प्रतिशत तक ही उत्पादन किए जाने की इजाजत सीमेंट कारखानों को मिल पाई है। कहा कि एसीसी खनन क्षेत्र में काम पहले की भांति हो रहा है। भारी जोरों से ब्लास्टिंग की जा रही है। जिससे खनन क्षेत्र के साथ बरियाही, कुनणु, बलोह व धौन कोठी के रिहायशी इमारतों, मकानों में कंपन की बजह से दिवारों व लैटरों में बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने उपरोक्त कारखाना के प्रबंधन, जिला प्रशासन, प्रदेश सरकार को लगातार अपनी समस्या से अवगत करवाया।
कई बार विस्फोट से होने वाले नुकसान का जायजा लेने वाले प्रशासन ने आलाधिकारियों की रहनुमाई में कमेटी को मौका वारदात पर भेजा। बड़ी-बड़ी रिपोर्टें बनाई गई मगर कोई भी राहत लोगों को नहीं मिल पाई और न ही भूमि अधिग्रहण का कार्य आज तक किया गया।
वर्मा ने कहा कि श्ुाक्रवार को भी खनन क्षेत्र में भारी भरकम ब्लासट हुआ। जिससे साथ लगते तमाम क्षेत्र में भारी कंपन हुई। जिससे लोगों में दहशत का वातावरण है। कहा कि जनमंच में भी मंत्री और विधायक ने उपरोक्त समस्या का निवारण करने का वायदा किया था। लेकिन अभी तक इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि अगर लोगों की समस्या का हल नहीं हुआ तो हालात सामान्य होने के बाद कंपनी द्वारा किए जा रहे खनन को रोक दिया जाएगा।