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जिला के चारों खंडों में बीडीसी अध्यक्ष पद पर भाजपा का एकछत्र राज

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बिलासपुर में नवनिर्वाचित बीडीसी उपाध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ। - फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। बिलासपुर के चारों ब्लॉकों में बीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं। वीरवार को सदर खंड में आयोजित चुनाव में भाजपा की सत्या देवी ने 15 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। वहीं, रामलाल गुट के कांग्रेस के मस्तराम 13 वोट लेकर उपाध्यक्ष बने। वोटिंग शुरू होने से पहले कांग्रेस के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने 2 बजे चुनाव शुरू न करवाने को लेकर चुनाव हॉल के बाहर जमकर नारेबाजी की, लेकिन जब भाजपा समर्थित सदस्य वहां पहुंचे तो बंबर ठाकुर वहां से चले गए। वहीं, चुनाव बीडीओ ब्लॉक भाग सिंह ठाकुर और एसडीएम रामेश्वर की देखरेख में संपन्न हुए।
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जिला के झंडूता, घुमारवीं और स्वारघाट में बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर भाजपा ने बाजी मारी है, लेकिन सदर विकास खंड में भाजपा को सिर्फ अध्यक्ष पद से ही संतुष्टि करनी पड़ी। वहीं इस चुनाव में कांग्रेस की गुटबाजी भी खुलकर सामने आई। कांग्रेस के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर और श्री नयना देवी जी से विधायक रामलाल ठाकुर ने अध्यक्ष पद के लिए अपने अलग-अलग उम्मीदवार दिए। वहीं, भाजपा ने सिर्फ एक ही उम्मीदवार दिया। जिसमें कांग्रेस के दोनों समर्थित उम्मीदवारों को जहां 10 वोट पड़े, वहीं अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित उम्मीदवार सत्या देवी ने 15 मत लेकर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस की एक उम्मीदवार रीता को 6 और मंजू को मात्र 4 वोट पड़े।
वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए मात्र दो उम्मीदवार मैदान में थे। जिनमें भाजपा की तरफ से आत्म देव और कांग्रेस की तरफ से रामलाल गुट के मस्त राम चुनाव लड़े। इसमें भाजपा की तरफ से क्रॉस वोटिंग हुई। जहां भाजपा को अध्यक्ष पद के लिए 15 वोट मिले। वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए मात्र 12 वोट मिले। भाजपा समर्थित आत्मदेव को 12 वोट और मस्त राम को 13 वोट पड़े। उपाध्यक्ष पर कांग्रेस ने झटक लिया। इन परिणामों के साथ जिला में कांग्रेस के दो ठाकुरों की लड़ाई का भाजपा ने भरपूर फायदा उठाया और अन्य खंडों के साथ सदर में भी अपना वर्चस्व कायम रखने में कामयाब रहे।
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इनसेट
सदर खंड में भाजपा के हाथ से उपाध्यक्ष के साथ अध्यक्ष का पद भी छिन सकता था, लेकिन भाजपा ने जिसे उम्मीदवार दिया वो करणी सेना की करीबी थी। इसके चलते करणी सेना ने उसके पक्ष में काम किया, लेकिन उपाध्यक्ष के पद खोने के बाद भाजपा को मंथन करने की आवश्यकता है कि वो किस राह पर काम कर रही है।
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-शशि शर्मा, महामंत्री प्रदेश करणी सेना

बिलासपुर में नवनिर्वाचित बीडीसी अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ।- फोटो : BILASPUR

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