बिलासपुर में बिजली बोर्ड के डिविजन नंबर एक के उपभोक्ता को जारी किया गया सिक्योरिटी बिल।
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बिलासपुर। एक तरफ तो कोरोना की मार और दूसरी तरफ बिजली बोर्ड की ओर से सिक्योरिटी बिल के नाम पर लोगों का आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण जहां चार माह से लोगों के काम काज ठप पड़े हुए हैं। वहीं, बिलासपुर बिजली बोर्ड के डिविजन-एक के पांच हजार परिवारों को लैप्स सिक्योरिटी के नाम पर बोर्ड ने करीब पांच लाख रुपये के बिल थमा दिए गए हैं। इससे अब कई उपभोक्ता हैरत में हैं कि बिलिंग के बावजूद भी उनकी सिक्योरिटी लैप्स कैसे हो गई। हालांकि, बिजली बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि आडिट के दौरान लैप्स सिक्योरिटी की पुष्टि हुई है। इन्होंने तीन माह से अधिक समय का बिल नहीं भुगतान किया है।
बिलासपुर में बिजली बोर्ड के डिविजन नंबर-1 के तहत 5 हजार उपभोक्ताओं को बिजली बोर्ड ने लैप्स सिक्योरिटी के नाम पर लगभग 5 लाख रुपये के बिल थमा दिए हैं। वहीं, बिजली के बिल अलग से दिए गए हैं। ऐसे में दो वक्त की रोजी रोटी के लिए दिन भर मेहनत मजदूरी करने वाले परिवारों की तो चिंता बढ़ी ही है, लेकिन जो लोग निजी कारोबार करते हैं उन्हें भी सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि वो बिजली के भारी बिलों का कैसे भुगतान करेंगे। कोरोना के कारण काम काज बंद होने से अधिकतर परिवार बेरोजगार हैं। मुश्किल से परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने वाले बिजली बोर्ड के बिलों का भुगतान कैसे करेंगे?
बिजली बोर्ड का कहना है कि लॉकडाउन में बिलासपुर डिविजन नंबर-1 का ऑडिट हुआ। जिसमें इसके तहत आने वाले उक्त परिवारों को लैप्स सिक्योरिटी बिल जारी किए गए। वहीं जिला के अन्य डिवीजनों में भी ऑडिट पूरा होने के बाद बिल जारी होने हैं। लेकिन सोचने का विषय यह है कि आज तक इस तरह का कोई बिल किसी उपभोक्ता को नहीं आया है। हालांकि, बोर्ड का कहना है कि लैप्स सिक्योरिटी बिल जमा होने के बाद वो पैसा उपभोक्ताओं का ही रहेगा और उसे आगामी बिल में माइनस किया जाएगा। नियम के अनुसार अगर सिक्योरिटी 200 रुपये जमा करवाई हो तो बिल की पूरे साल की औसत 200 से क्रॉस नहीं होनी चाहिए। अगर वो क्रॉस करती है तो सिक्योरिटी रिवाइज होती है। जो बिल आता है उससे कम सिक्योरिटी बोर्ड के पास नहीं होनी चाहिए।
सदर डिविजन नंबर-1 में बिजली बोर्ड की आडिट के दौरान पांच हजार उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी लैप्स हो गए हैं। दो माह तक जिला भर का ऑडिट चलता है। जिला के अन्य डिविजनों में भी ऑडिट के बाद बिल जारी होंगें। बिल जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। जमा न करने पर बिजली कनेक्शन कटने का कोई डर नहीं है। लेकिन जब तक जमा न हो तब तक बोर्ड नोटिस भेजता रहेगा। -शमशेर सिंह, एसडीओ बिजली बोर्ड डिविजन नंबर-1