बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के तहत टनल नंबर तीन में घटिया किस्म का सरिया इस्तेमाल करने के मामले में एसडीएम सदर रामेश्वर ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मंडल-1 और 2 के तकनीकी अधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपा है।
जांच टीम को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपी होगी। परियोजना की इस टनल नंबर में जिंदल सरिये को लगाने की मंजूरी थी, लेकिन निर्माण कार्य कर रही कंपनी ने इसके निर्माण के लिए नंदन सरिया का इस्तेमाल कर दिया।
इसको लेकर की गई शिकायत में फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने मुख्य अधिशासी अभियंता शिमला को मूल प्रमाणों के साथ टनल के भीतर लगाए सरिये के फोटोग्राफ भी संलग्न किए थे।
इसके अलावा टनल में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री को लेकर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद परियोजना निदेशक एनएचएआई ने जिंदल सरिये की अप्रूवल को तो स्वीकार किया, लेकिन करीब 62 टन नंदन सरिया टनल में लगाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद कंपनी ने मौके से नंदन सरिया को उठा लिया था।
इसके बाद प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन की तरफ से भी मामले की जांच के आदेश हुए थे, लेकिन कोई भी जांच सिरे नहीं चढ़ी। इसके बाद इस विषय पर टनल का कार्य कर रहे सभी श्रमिकों ने उपायुक्त बिलासपुर को भी शिकायत भेजी थी, जिस पर अब यह कार्रवाई हुई है। संवाद