बिलासपुर के डंगार स्कूल में आयोजित खंड स्तरीय (छात्र) अंडर 14 खेलकूद प्रतियोगिता का दीप प्रज्ज्
बोले, किताबी ज्ञान ही शिक्षा नहीं, बच्चों का चहुमुखी विकास भी जरूरी
-23 स्कूलों के 310 खिलाड़ी ले रहे भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर) घुमारवीं खंड-1 की अंडर-14 खेलकूद प्रतियोगिताएं सोमवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल डंगार में शुरू हुई। प्रतियोगिता का शुभारंभ तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और उज्जवल भविष्य की कामना की।
खेलकूद प्रतियोगिता में 23 स्कूलों के 310 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। पहले दिन कबड्डी के पहले मैच में घंडालवीं ने बरोटा को 34-21 से हराया। वॉलीबाल में पंतेहड़ा ने मुंडखर को 2-1 से हराया। इस अवसर पर धर्माणी ने कहा कि खेलकूद प्रतियोगिताएं बच्चों के संतुलित विकास के उद्देश्य से की जाती हैं। शिक्षकों से भी अपेक्षाएं हैं कि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए क्षेत्र का नाम रोशन करें। धर्माणी ने कहा कि हिमाचल में शिक्षा के स्तर में बेहद विकास हुआ है लेकिन अभी भी कई तरह से सुधार करने के आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि भारत के 28 राज्यों में शिक्षा का स्तर हिमाचल के 21वां स्थान है। इसके लिए जहां सरकार गंभीर है वहीं अध्यापकों को भी अपना सहयोग देना होगा। हिमाचल सरकार के बजट का 42 प्रतिशत पैसा शिक्षा और वेतन में जाता है। इसके लिए बेहतर शिक्षा बच्चों को देना सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन जब गुणवत्ता की जब जांच होती है तो नतीजे अनुकूल नहीं दिखते हैं। किताबी ज्ञान ही शिक्षा नहीं है बल्कि बच्चों का चहुमुखी विकास बच्चों का होना जरूरी है। इस मौके पर प्रधानाचार्य रेखा शर्मा, नवीन ठाकुर, प्यार सिंह, जगदीश जसवाल और सतीश शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।