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Bilaspur News: एमएसपी के नाम पर वसूले जा रहे शराब के ज्यादा दाम

Mon, 29 Jul 2024 11:15 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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ठेकों पर बेची जा रही है पुराने स्टॉक वाली एमआरपी की ही शराब
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-ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने में ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा विभाग

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं व आसपास के क्षेत्र में शराब के ठेकों में एमएसपी के नाम पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। हैरानी की बात है कि सरकार द्वारा नए नियमों के तहत शराब की हर बोतल पर एमएसपी तय की गई है। लेकिन अभी तक शराब के ठेकों पर पुराने स्टॉक वाली एमआरपी की ही शराब बेची जा रही है। उस पर भी अधिक दाम लोगों से वसूले जा रहे हैं।
एक तरफ तो सरकार ने ओवरचार्जिंग पर अपनी नीति साफ कर दी है। पहली बार शिकायत आने पर 15 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने का नियम बनाया गया है। सरकार की यह सख्ती भी ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने में नाकामयाब साबित हो रही है। घुमारवीं के राकेश, मनोज, विशाल व अंकुश ने बताया कि घुमारवीं में स्थित शराब के ठेकों पर एक बियर पर भी 20 से 25 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। यही हाल शराब के अन्य ब्रांड का भी है, जहां व्हिस्की की बोतल पर 40 से 50 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं वहीं वोदका की बोतल पर भी 50 से 60 रुपये ज्यादा लिया जा रहा है। इसके अलावा जितने भी अन्य ब्रांड है उन पर भी मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। एमएसपी के तहत मूल्य पर विक्रेता अधिक से अधिक 30 फीसदी का मुनाफा ही कमा सकता है। दूसरी तरफ शराब कारोबारी दावा करते हैं कि वह एमएसपी पर 30 फीसदी से अधिक मुनाफा नहीं ले रहे हैं। जबकि 30 फीसदी मुनाफे में भी कई झोल हैं। अगर विभाग की मानें तो शराब के हर ब्रांड पर 30 फ़ीसदी का मुनाफा नहीं लिया जा सकता है। क्योंकि सरकार द्वारा अलग-अलग ब्रांड पर 10 फसदी से लेकर 30 फीसदी तक का मुनाफा तय किया गया है। लेकिन लोगों को मालूम ही नहीं है कि जो शराब वह खरीद रहे हैं उस पर 10 फीसदी मुनाफा लिया जा सकता है या फिर 30 फीसदी। लेकिन शराब के कारोबारी सभी ब्रांड पर 30 फीसदी का लाभ लेकर लोगों को चूना लगाने में लगे हुए हैं ।
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इनसेट
विभाग के अनुसार शराब की दुकानों पर आबकारी नीति के तहत विदेशी सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम जिन, वोदका पर लगे एमएसपी पर 10 फीसदी का लाभांश ही लिया जा सकता है। जबकि भारत में निर्मित सभी बियर ब्रांड पर 30 फ़ीसदी, देसी शराब पर 30 फीसदी का लाभांश तय किया गया है। देश में बनी कोई भी ब्रांड की अंग्रेजी शराब पर 15 फ़ीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी का लाभांश ही तय किया गया है।
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कोट
हमारे पास कुल 68 शराब की दुकानें पंजीकृत हैं। इनमें से जब भी कहीं पर ओवर चार्जिंग की शिकायत आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। अप्रैल से अब तक आई शिकायतों पर विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए कुल 21 चालान काटे गए हैं। जिससे 72 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है। जबकि बाकी जुर्माना अभी वसूल करना है।
-कुंदन सिंह, सहायक आयुक्त,आबकारी कराधान विभाग, घुमारवीं
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