फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: पटवारी, कानूनगो के राज्य स्तरीय कैडर करने का जताया विरोध

Sun, 14 Jul 2024 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
बिलासपुर में आयोजित साधारण बैठक में उपस्थित हिमाचल प्रदेश सयुंक्त पटवार व कानूनगो महासंघ के सदस
विज्ञापन
-जिला कार्यकारिणी की बैठक में संघ ने अहम मुद्दों पर की चर्चा
विज्ञापन

-कहा, पटवारी और कानूनगो की वरिष्ठता एवं पदोन्नति में पैदा होंगी विसंगतियां

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं/झंडूता(बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश सयुंक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पटवारी एवं कानूनगो के जिला स्तरीय कैडर को राज्य स्तरीय करने पर महासंघ ने कड़ा विरोध जताया है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश सयुंक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ के उप प्रधान बबलू राम ने की।महासचिव भारत भूषण, सह सचिव राकेश कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो पूरे प्रदेश में जिला स्तरीय कैडर के तहत नियुक्त हुए हैं। उसी के तहत प्रचलित आ एंडपी रूल के अनुसार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यदि सरकार जिला स्तरीय कैडर से राज्य स्तरीय करती है तो यह कैडर उन पटवारी भर्तियों पर लागू हो जिनकी अधिसूचना सरकार वर्तमान में कर रही है। जिला स्तरीय कैडर प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, रीति-रिवाजों, भाषा एवं प्रचलित बोलियों के आधार पर स्थानीय लोगों से आत्मीयता का भाव रखने के लिए किया गया था। लेकिन इसके साथ छेड़छाड़ क्षेत्रीय कर्मचारियों की कार्यकुशलता, क्षमता व लोगों के साथ आपसी तालमेल को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय कैडर से राज्य स्तरीय कैडर होने पर पटवारी एवं कानूनगो की वरिष्ठता एवं पदोन्नति में विसंगतियां उत्पन्न होंगी, जोकि अनावश्यक रूप से विभिन्न न्यायिक विवादों को पैदा करेंगी।
विज्ञापन

जिला स्तरीय कैडर से राज्य स्तरीय कैडर होने पर विभिन्न जिलों में स्थित स्थापना शाखाएं प्रभावित होंगी। जिला स्तरीय कैडर के तहत समूचे प्रदेश में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो को जब राज्य स्तरीय कैडर के तहत स्थानांतरित किया जाएगा तो कब्जा नाजायज मिसलें जोकि विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं उनकी पेशी के लिए दूर दराज क्षेत्रों से समय पर हाजिर होना पड़ेगा। जिस कारण समय व कर्मचारी की कार्यक्षमता व संबंधित लोगों के कार्य अनावश्यक तौर पर बाधित होंगे। अतिरिक्त रूप से कर्मचारी को यात्रा भत्ता का बोझ सरकार पर पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें